मनमाने तरीके से स्कूल में आते है शिक्षक, विद्यार्थियों की शिकायत-पढ़ाई हो रही बाधित

 

कोरबा। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए सरकार लगातार जोर दे रही है और शिक्षकों की हर मांगों को पूरा करने में ध्यान भी दे रही है ।लेकिन इसके दूसरी तरफ जांजगीर चांपा जिले के कन्हई मिडिल स्कूल में शिक्षकों को विद्यार्थियों से कोई लेना देना नहीं रह गया है । स्कूल में आने की उनकी कोई समय सारणी है ही नहीं। यहां के विद्यार्थियों ने बताया कि इस प्रकार की भर्राशाही काफी समय से बनी हुई है। कनई गांव में शिक्षा विभाग के द्वारा माध्यमिक विद्यालय का संचालन काफी समय से किया जा रहा है। आसपास के काफी बच्चे इस विद्यालय में पहुंचते हैं ताकि वह छठवीं से आठवीं तक की पढ़ाई कर सके। विभाग ने अध्यापन कार्य के लिए यहां पर 6 शिक्षक शिक्षिका की पदस्थापना की है जिन्हें हर महीने समय पर वेतन दिया जा रहा है । उनसे अपेक्षा की जा रही है कि वह विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन करने में भूमिका निभाएं। काफी समय से शिकायत मिलती रही है कि यहां पर शिक्षक शिक्षिकाएं समय पर नहीं पहुंचते और ऐसे में विद्यार्थियों को अपने हिसाब से काम करना होता है। यहां का जायजा लेने पर सच्चाई सामने आई और विद्यार्थियों ने खुलकर इस विषय पर बातचीत की। मीडिया के द्वारा विद्यार्थियों से बातचीत करने के दौरान एक शिक्षिका का प्रवेश स्कूल परिसर में हुआ। पहले उन्होंने इस बात को लेकर सवाल उठाया की किसकी अनुमति से यह सब हो रहा है। जब उनसे टाइमिंग को लेकर पूछताछ की गई तो सफाई के अंदाज में कहां गया कि कभी-कभार ऐसा हो जाता है और यह बड़ा मुद्दा नहीं है। गांव के सरकारी स्कूल में बनी हुई इस अव्यवस्था को लेकर अलग-अलग स्तर से जिला प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि विद्यालय के स्तर को ठीक करने के लिए ऐसे शिक्षकों की पदस्थापना यहां पर कराई जाए जो वाकई विद्यार्थियों को पढ़ाने की मानसिकता रखते हैं

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