
शिमला, १८ नवंबर। मनरेगा के तहत जिला परिषद कर्मचारी व ग्राम रोजगार सेवको को वेतन न मिलने के कारण इस बार उनकी दिवाली फीकी रही। कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें दो माह से वेतन नही मिल पा रहा है जिसको लेकर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष इसे उठाकर रिवाल्विंग फंड बनाने को कहा है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्राम रोजगार सेवक और जिला परिषद कर्मियों को वेतन में दिक्कत आ रही है। केंद्र सरकार ने गत बजट के दौरान कटौती की जिस कारण कुछ कर्मचारियों को वेतन देने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जिन्हें दो माह से वेतन नही मिला है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है और रिवॉल्विंग फंड की मांग की गई है और इसकी सम्बंधित फ़ाइल वित्त विभाग के पास है और जल्द से जल्द रिवाल्विंग फंड मील जिससे सभी कर्मियों को वेतन मिल सके। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि केंद्र से उन्हें 9655 घरों की मंजूरी आ गयी है जिसे 14 दिसंबर से पहले पात्र परिवारों को आबंटित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले जो 6551 घर मिले थे उन्हें वितरित कर दिया गया है।13 अगस्त को भारी बारिश के बाद आपदा के चपेट में आने के कारण दस हजार घर और प्रभावित हो गए।अब यह संख्या लगभग 16,000 हो गयी है। उन्होंने कहा कि दो हजार घर मुख्यमंत्री ने प्रदेश बजट से भी दिए है। दिनांक 30सिंतबर तक प्रभावित लोगों को आवेदन करने की तिथि थी जो रह गाए हैं।उन्हें भी सरकार की ओर से घर दिए जाएंगे। मनरेगा का बजट इस वर्ष भी लगभग 1150 करोड़ के लगभ पहुंच जाएगा। वर्तमान समय मे मनरेगा के कार्य मे गिरावट आई है। सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि इसमें बढ़ोतरी की जाए।





















