महज शो-पीस बनकर रह गए जिला मुख्यालय में लगाए गए वॉटर एटीएम

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर में लाखों रुपए की लागत से बना वाटर एटीएम महज शो-पीस बनकर रह गया है, जिसके चलते शहर सहित आसपास के गांव से पहुंचे लोगों को वाटर एटीएम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस तरह की समस्या जिला पंचायत, केरा रोड स्थित बस स्टैण्ड एवं शहर के हृदय स्थल कचहरी चौक में लगाए गए वाटर एटीएम में देखने को मिल रही है।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय जांजगीर के कचहरी चौक, केरा रोड स्थित नया बस स्टैंड एवं जिलापंचायत सहित अन्य जंगहों पर लाखों रूपए खर्च कर वाटर एटीएम लगाया गया है ताकि शहर सहित आसपास गांव के लोग कामकाज
कराने शहर एवं कार्यालय पहुंचे लोगों को पेयजल के लिए किसी तरह की कोई परेशानी ना हो, लेकिन लाखों रूपए की लागत से बना वाटर एटीएम महज शोपीस बनकर रह गया है। लोगों को वाटर एटीएम की सुविधा नहीं मिल पा रही है। वाटर एटीएम मशीन में 1 रूपए का सिक्का डालने के बाद उसमें से ठंडा पानी निकलता है। इधर सिक्का डालने के बाद भी वाटर एटीएम से एक बूंद भी पानी नहीं निकल पाता जिसके चलते लोगो को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसी प्रकार जिला पंचायत परिसर में भी लाखों रूपए खर्च कर वाटर एटीएम मशीन लगाई
गई है ताकि यहां कार्यरत कर्मचारी एवं कामकाज कराने जिला पंचायत पहुंचे लोगों को ठंडा पानी मिल सके, लेकिन वाटर एटीएम की सुविधा नहीं मिल पा रही है। देखरेख के अभाव में वाटर एटीएम बंद हो गया है। क्या है वाटर एटीएम-वाटर वेडिंग मशीन को वाटर एटीएम मशीन के रूप में भी जाना जाता है। एक सिक्का चलित पानी आरो मशीन जिसे सबसे किफायती कीमतो और सुविधा पर स्वच्छ पेयजल देने के लिए किसी भी सार्वजनिक एवं निजी स्थानों पर स्थापित किया जा सकता है।

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