महागठबंधन में सीटों को लेकर फंस गया पेंच

पटना, ११ सितम्बर । महागठबंधन में सीट शेयरिंग का मामला इस माह तय होने की चर्चा है। इस चर्चा के क्रम में कुल 40 सीटों के लिए 22 पर कांग्रेस व वामदल अपनी दावेदारी कर चुके हैं। महागठबंधन के घटक दल ही इस मांग के पूरा होने पर संशय जता रहे। सीटों पर अकेले वामदल की दावेदारी दिलचस्प बात यह है कि वामदल ने अकेले 15 सीटों की मांग कर दी है। इनमें भाकपा (माले) ने नौ सीटों का प्रस्ताव उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सौंपा है। इनमें कुछ सीट इस श्रेणी के भी हैं जहां जदयू सीटिंग है और पूर्व में उन सीटों पर राजद और वामदल लड़ते रहे हैं। वहीं सीपीएम ने चार और सीपीआई ने दो सीटों का प्रस्ताव अपनी केंद्रीय कमेटी को भेज दिया है। कांग्रेस ने नौ सीटों पर कर दिया है दावा कांग्रेस ने नौ सीटों पर अपना दावा कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने यह बात दो दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस में कही है। कांग्रेस की भी प्रस्तावित सीटों में भी वह सीटें हैं जहां से पिछले चुनाव में जदयू को जीत मिली थी। कांग्रेस के लिए जदयू अपनी सीटिंग सीट को छोड़ेगा यह संभव नहीं दिख रहा। सोलह-सोलह के फार्मूले पर है राजनीतिक गलियारे में चर्चा राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा है कि जदयू-राजद सोलह-सोलह सीटों पर लड़ेगे। इसके बाद जो आठ सीटें बच जाएंगी उनमें पांच कांग्रेस को और तीन वामदलों को मिल जाएंगी। इसके मूल में यह है कि पिछली बार जदयू को जितनी संख्या में सीटें मिलीं थी उससे कम पर वह नहीं जाएगा। जदयू से कम संख्या में सीटें राजद को भी मंजूर नहीं होगी। कुछ सीटें अदल-बदल भी हो सकती हैं महागठबंधन की कुछ सीटें अदल-बदल भी हो सकती हैं। पुराने दावेदारों और सक्रिय रहे पूर्व प्रत्याशियों के लिए महागठबंधन के दल पूर्व में आपस मे भिड़े प्रत्याशी को किसी दूसरी सीट पर भी एडजस्ट कर सकते हैं।

RO No. 13467/9