मार्कफेड की लचर व्यवस्था से करतला में धान का उठाव थमा, परेशानी

कोरबा। जिले के ब्लॉक मुख्यालय करतला में स्थित धान उपार्जन केंद्र में धान का उठाव काफी धीमी गति से हो रहा है। मार्कफेड की लचर व्यवस्था को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। मौजूदा समस्या से स्टाफ टेंशन में है।
करतला स्थित धान उपार्जन केंद्र में इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर लगभग 60 हजार क्विंटल धान की बंपर खरीदी हुई है। धान खरीदी को बंद हुए लगभग दो सप्ताह का समय होने जा रहा है। लेकिन यहां खरीदकर भंडारित धान का उठाव ढंग से नहीं हो पा रहा है। जिससे स्टाफ का टेंशन धान की सुरक्षा को लेकर बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार यहां अब तक 50 हजार क्विंटल धान का उठाव हो सका है लेकिन 10 हजार क्विंटल धान अभी भी जाम है। स्टाफ के मुताबिक जाम धान को उठाने के लिए एक दिन में केवल दो या तीन गाडिय़ां लगाई जा रही है। डीओ भी तीन-चार दिनों में कट रहा है। धान का उठाव यहां काफी धीमा है। धान की सुरक्षा को लेकर वे चिंतित हैं, क्योंकि यह क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र है ऐसे में अधिक दिनों तक धान को उपार्जन केंद्र में रखना खतरे से खाली नहीं है। कभी भी हाथियों की धमक यहां हो सकती है और भंडारित धान को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। हाथियों के खतरे के बीच मौसम की मार भी पड़ रही है। बेमौसम बारिश होने से इसके भीगने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं धान के सूखने से शार्टेज की भी समस्या निर्मित हो रही है।

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