मालगाड़ी के पहिए थमे क्रासिंग पर, लोग परेशान

कोरबा। ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे क्रॉसिंग पर लोडेड मालगाडिय़ों के पहिए थमने का सिलसिला जारी है। इसके चलते आज एक बार फिर हजारों लोग परेशान हुए। उनके जरूरी काम बाधित हुए वहीं गंतव्य तक पहुंचाने के लिए लोगों को काफी लंबा फेरा लगाना पड़ा।
रेलवे क्रॉसिंग की छाया कोरबा शहर में बनी हुई है। अधिकांश हिस्सों तक पहुंचाने के लिए लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर करना ही पड़ता है क्योंकि इसके बिना दूसरे विकल्प मौजूद नहीं है। वर्तमान में शारदा विहार, ट्रांसपोर्ट नगर और डीएसपीएम चौराहा के अलावा रेलवे स्टेशन के पास इमली डुग्गू मानिकपुर रेलवे क्रॉसिंग सबसे बड़ी समस्या है। यात्री और मालगाडिय़ों की आवागमन के दौरान यह क्रॉसिंग काफी देर तक बंद होती है। इन सबसे अलग सबसे बड़ी समस्या कोयला लॉज मालगाडिय़ों को लेकर बनी हुई है। शारदा विहार से ट्रांसपोर्ट नगर के बीच चढ़ाई होने से कई मौके पर स्थिति ऐसी बनती है कि दो दो पावर इंजन लगाने के बावजूद मालगाडिय़ां ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे क्रॉसिंग को पार करने से पहले ही अटक जाती हैं। ऐसे में 2 घंटे से भी अधिक समय तक रेलवे क्रॉसिंग के चार तरफ आवागमन काफी मुश्किल भरा हो जाता है। ऐसे में अलग-अलग काम से आना-जाना करने वाले लोग परेशान होते हैं। बालको संयंत्र के लिए कोयला ले जा रही एक मालगाड़ी तकनीकी कारण से आज यहां बाधित हो गई। इसके चलते बड़े हिस्से में छोटे-बड़े वाहनों की लाइन लग गई। काफी समय तक इंतजार करने के बाद लोगों को दूसरा रास्ता पकडऩा पड़ा लेकिन इससे पहले उन्हें गाडिय़ों का मूवमेंट बदलने के लिए मुश्किल उठानी पड़ी। पहले की तरह इस बार भी परेशान होने वाले लोगों ने सिस्टम को लेकर रेलवे और उद्योग प्रबंधन के अधिकारियों को भला बुरा कहा।
फोन रिसीव नहीं करते एआरएम
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों का रवैया कोरबा को लेकर काफी समय से नकारात्मक और उपेक्षापूर्ण बना हुआ है। अनेक अवसर पर इसके नमूने सामने आ चुके हैं। सुविधाओं को देने के बजाय लोगों को परेशान करना रेलवे की नीति बन चुका है। हद तो यह है कि कोरबा में रेलवे ने जिस एरिया रेलवे मैनेजर की पदस्थापना की है वह मीडिया के कॉल्स को रिसीव करना जरूरी नहीं समझते और ना ही जानकारी देना। ऐसे ही कारण से लोगों की नाराजगी का शिकार रेलवे को होना पड़ता है जो उसकी हरकतों से यूं ही परेशान होती है।

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