
कोरबा। पाली थाना क्षेत्र में जबरदस्त सडक़ हादसा हुआ है। मुनगाडीह गांव के पास तेज रफ्तार कार डिवाईडर से टकराकर पलट गई। दुर्घटना में कार सवार 6 लोगों में से तीन लोग गंभीर रुप से घायल हो गए है। राहगीरों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया फिर अस्पताल में भर्ती किया गया।
बनारस से भिलाई लौटने के दौरान एक तेज रफ्तार इनोवा कार पाली में हादसे का शिकार हो गई। मुनगाडीह गांव के पास कार डिवाईडर से टकराकर पलट गई। हादसे के दौरान कार सवार 6 लोग घायल हो गए,जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद मौके पर कोहराम मच गया। घंटो मशक्कत करने के बाद डायल 112 की टीम और राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। रात करीब दो बजे हादसा हुआ है। सभी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है।
ब्लैक स्पॉट को हटाने की हुई कार्रवाई
कोरबा जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे संख्या 130ड्ढ पर बड़ा हिस्सा ऐसा मौजूद है जहां पर ब्लैक स्पॉट्स की उपस्थिति है और अधिकतर रात्रि में यहां दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रही है। यहां पर या तो खतरनाक टर्निंग है या फिर रास्ते की समझ वाहन चालकों को आसानी से हो सके, इसके लिए उतने उपाय नहीं किए गए हैं जिनकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। ब्लैक स्पॉट्स पर आवागमन के दौरान होने वाले हादसे के पीछे इससे महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। यद्यपि लगातार हो रही घटनाओं को ध्यान में रखने के साथ नेशनल हाईवे अथॉरिटी, लोक निर्माण विभाग, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने यहां का निरीक्षण किया। इस दौरान वस्तु स्थिति की समीक्षा करने के साथ ब्लैक स्पॉट्स को हटाने की कार्रवाई की गई। दावा किया जा रहा है कि यह कदम उठाने के बाद दुर्घटनाओं में काफी कमी आई है। यहां बताना जरूरी होगा कि पिछले वर्ष यानी 2023 में सडक़ दुर्घटनाओं में 750 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि इससे अधिक संख्या में लोग घायल हुए।
स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत
नेशनल हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अलग-अलग प्रकार के सामानों के परिवहन के साथ यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए अलग-अलग कैटेगरी के वाहन हाईवे पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में रफ्तार लग रहे हैं। प्रतिस्पर्धा के साथ कई प्रकार के टास्क वहां के चालकों के सामने मौजूद होते हैं और उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी भी होती है। विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि इस प्रकार की शर्तों की पूर्ति के लिए ऑपरेटर जोखिम लेने की मानसिकता भी बना लेते हैं और यह भी दुर्घटना की एक खास वजह बन जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए जरूरत महसूस की जा रही है कि अनिवार्य रूप से वाहनों में स्पीड गवर्नर की व्यवस्था हो और हाईवे पर संभावित दुर्घटनाजन्य स्थान के आसपास सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएं। इसकी जानकारी सार्वजनिक होने पर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स पर गाडिय़ों को निर्धारित गति सीमा में चलने का दबाव होगा और वे जिम्मेदार बनने की कोशिश करेंगे।




























