
कोलकाता, १८ अगस्त।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना में शनिवार को फिर नया मोड़ आ गया। अब मृतका के पिता ने ये वारदात कहीं और होने का संदेह जताया है। मृतका के पिता ने कहा कि जिस जगह से मेरी बेटी का शव मिला है, हो सकता है कि वहां उसकी हत्या न हुई हो। अस्पताल में किसी और जगह वारदात को अंजाम देने के बाद शव को सेमिनार हाल में लाकर रख दिया गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि गिरफ्तार आरोपित इस घटना का असली दोषी नहीं है। मेरी बेटी की हत्या के लिए पूरा विभाग जिम्मेदार है। इसके पीछे बहुत बड़ा गिरोह है। दुखी मन से कहा कि मेरी बेटी को अस्पताल के सीनियर डॉक्टरों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता था, जिससे उसे पेशेवर जीवन में काफी परेशानी हो रही थी। उसे चार पुरुषों के साथ ड्यूटी दी जाती थी, जिससे वह काफी असहज महसूस करती थी। मामले में संजय राय नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।भाजपा विधायक व बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी कहा है कि मृतका की अस्पताल में किसी और जगह हत्या करने के बाद उसके शव को सेमिनार हाल में लाकर रखा गया था और इसमें कई लोग शामिल थे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुझे अपने विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि कोलकाता पुलिस ने जांच के नाम पर मृतका की विसरा रिपोर्ट बदल दी है।
घटना के बाद खून से सनी चीजों को भी बदल दिया गया। पुलिस की सीजर लिस्ट में जो चीजें हैं, वे वास्तविक नहीं हैं और उनसे डीएनए जांच में मदद नहीं मिलेगी। अधिकारी ने कहा कि वॉश बेसिन को हटाकर नया बेसिन लगा दिया गया है। मुझे उम्मीद है कि सीबीआई इन पहलुओं पर भी गौर करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के निर्देश पर ये सारा कुछ किया गया था।सुबूतों से छेड़छाड़ की जताई आशंका राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना को लेकर राज्य प्रशासन व पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जिस जगह पर दुष्कर्म व हत्या की घटना हुई, वहां के क्षतिग्रस्त सामान को ठीक करवा दिया गया। आयोग ने सुबूतों के साथ छेड़छाड़ की भी आशंका जताई है। साथ ही पुलिस की जांच में कई खामियां बताई है।दूसरी तरफ मामले की जांच में जुटी सीबीआई ने अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष से शनिवार को लगातार दूसरे दिन मैराथन पूछताछ की। शुक्रवार रात 9.30 बजे से रात 1.40 बजे तक उनसे पूछताछ हुई थी। शनिवार सुबह 10.30 बजे फिर डॉ. घोष केंद्रीय जांच एजेंसी के समन पर सीबीआई कार्यालय में हाजिर हुए। खबर लिखे जाने तक उनसे पूछताछ जारी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण की पूछताछ में डॉ. घोष से जूनियर महिला डॉक्टर की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनकी पहली कार्रवाई के बारे में पूछा गया। मसलन उन्होंने किसे मृतका के स्वजन को इसकी सूचना देने को कहा था और पुलिस से किसने और कैसे संपर्क किया। उनसे अस्पताल के साप्ताहिक रोस्टर के बारे में भी पूछा गया, जिसके आधार पर डॉक्टरों को ड्यूटी निर्धारित की जाती है।बता दें कि रोस्टर में महिला डॉक्टर को 36 और कभी-कभी 48 घंटे तक ड्यूटी पर लगाए जाने की बात भी सामने आई है। पूर्व प्रिंसिपल के जवाब में कई विसंगतियां पाई गई हैं। मालूम हो कि घटना के सामने आने के बाद डॉ. घोष ने प्रिंसिपल के पद से इस्तीफा दे दिया था।
सूत्रों ने बताया कि कोलकाता पुलिस के दो अधिकारियों व एक कर्मी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। मृतका के कुछ सहकर्मियों को भी पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी है।सीबीआई की एक टीम शनिवार सुबह फिर घटनास्थल पर डिजिटल मैपिंग के लिए पहुंची। मालूम हो कि डिजिटल मैपिंग के तहत डाटा संकलित कर उसे आभासी छवि (वर्चुअल इमेज) का रूप दिया जाता है। इस तकनीक का प्राथमिक कार्य ऐसा मानचित्र तैयार करना होता हैा।
जो किसी विशेष क्षेत्र की सटीक जानकारी उपलब्ध कराए, जिसमें प्रमुख रास्ते, स्थान और अन्य आवश्यक तथ्यों का विवरण हो।अब तक की जांच में अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि मामले में गिरफ्तार सिविक वालंटियर संजय राय घटना वाली रात करीब 11 बजे अस्पताल आया था और करीब 30 मिनट तक वहां था। इसके बाद वह दोबारा देर रात 3:45 से 3:50 के बीच अस्पताल पहुंचा था और सेमिनार हाल में गया। करीब 35 मिनट बाद वह सेमिनार हाल से निकल गया था। सीबीआई की टीम विधाननगर स्थित उस पुलिस बैरक में भी गई, जहां संजय रहता था। इसके अलावा उसके एक ठिकाने का भी मुआयना किया।
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