
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री अनिल पांडेय के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर मेडिकल कालेज अंबिकापुर में नियुक्ति व पदोन्नति में गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। संघ की ओर से स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत कर उंन्हे एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कोरोना काल में प्रदेश के तीन मेडिकल कालेज अंबिकापुर, बिलासपुर, राजनांदगांव में बायरोलाजी लैब स्थापना हेतु छह माह की अल्प कालीन अवधि के लिए स्वीकृत पद के विरूद्ध कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति की गई थी किन्तु राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की नियुक्ति में नियम एंव शासन के निर्देश का उल्लंघन करते हुए परिवारवाद एंव अपने सगे संबंधितों को नियुक्ति दी गई है जिसकी जांच कराये जाने पर तथ्य स्पष्ट हो जाएगा।
प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में बायरोलाजी लैब में की गई भर्ती के बाद समयावधि समाप्त होने पश्चात प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दी गई है लेकिन राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में किसके आदेश-निर्देश पर आज दिनांक तक सेवा वृद्धि कि जाती रही यह जांच का विषय है जबकि प्रतिमाह संविदा वेतन के रूप में लाखों रूपये खर्च किए जा रहे है। नियम विद्युत तरीके से सेवा में वृद्धि भी कर दी गई है इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज में नियम विरुद्ध तरीके से पदोन्नति किए जाने की भी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री से की गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि नियुक्ति और पदोन्नति में गड़बड़ी की गई है तो कार्रवाई भी की जाएगी।
















