युवा व्यवसायी की हत्या कर जेवर, नकदी लेकर घर चला गया था संदेही

मनेन्द्रगढ़। मनेन्द्रगढ़ रोड स्थित अंबिका स्टील के संचालक महेश केडिया के पुत्र अक्षत अग्रवाल की गोली मार हत्या कर दी गई। हत्या के आरोप पर पुलिस ने दुकान के पूर्व कर्मचारी को हिरासत में लिया है। संदेही ने दावा किया है कि युवा व्यवसायी ने खुद को मरवाया। हत्या के बाद युवा व्यवसायी के सोने के जेवरातों और नकदी रकम को लेकर संदेही बड़े आराम से घर पहुंच गया था। बुधवार सुबह जब पुलिस ने उसे घर से पकड़ा तो उसने युवा व्यवसायी की हत्या कर दिए जाने की स्वीकारोक्ति कर ली। उसने युवा व्यवसायी का शव बरामद करवाया। घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर डिगमा के इंजीनियनिरंग कालेज के समीप झाडिय़ों में छिपाकर रखा गया तीन पिस्टल बरामद करवाया।
पूछताछ में संदेही ने जो कहानी बताई वह पुलिस के गले नहीं उतर रही है। संदेही ने पुलिस को बताया, अक्षत ने मंगलवार शाम को उससे मुलाकात की और कहा कि एक व्यक्ति को मारना है। इसके बदले नकदी और सोना देने की बात कही। घटनास्थल पहुंचने के बाद पिस्टल निकाला और अपनी छाती के पास सटाकर संदेही को बोला चल मुझे मार। यह मान की मेरी सुपारी तूने ली है। इसके बाद गोली चली। कथित रूप से उसने बताया कि वह युवा व्यवसायी से 50 हजार रुपये लिए थे , वही राशि लेने के लिए युवा व्यवसायी आया था। हालांकि संदेही द्वारा दी गई दलील पुलिस के लिए भी विश्वास करने योग्य नहीं है। अभी तक संदेही ने हत्या का कोई ठोस कारण नहीं बताया है लेकिन जिस तरह से घटना हुई उससे योजनाबद्ध तरीके से हत्या का संदेह है। फिलहाल पुलिस संदेही से उन सारे सवालों का जबाब लेने का प्रयास कर रही है जिसका जबाब सामने नहीं आ सका है। संदेही द्वारा दी गई जानकारी पर पुलिस को विश्वास नहीं है। बुधवार सुबह जब घटनास्थल पर पुलिस टीम पहुंची तो बंद कार के ड्राइविंग सीट पर युवा व्यवसायी अक्षत की रक्तरंजित लाश पड़ी थी। कार का एक शीशा तोडक़र लाक खोला गया। उसके बाद शव को नीचे उतारा गया। तीनों गोली छाती के बाएं हिस्से में एकदम अगल-बगल लगी थी। मृतक का आई फोन और चाबी कार से बरामद हुई। एक सोने की अंगूठी उसके अंगुली में ही थी। पुलिस की जांच में यह तय हो गया था कि दुकान के पूर्व कर्मचारी के साथ अक्षत अंतिम समय पर था तो पुलिस संदेही के भगवानपुर स्थित घर पहुंच गई। संदेही घर पर ही मिल गया। बिना झिझक अथवा डर के उसने अक्षत की हत्या हो जाने की जानकारी दी। उसके घर की तलाशी में मृतक का सोने का चैन, ब्रेसलेट, अंगूठी के साथ लगभग 50 हजार रुपये भी बरामद हो गया। घटना के बाद संदेही अपने घर चला गया था। व्यवसायी अक्षत अग्रवाल की हत्या के आरोप पर पुलिस ने जिस संदेही को हिरासत में लिया है उसकी गतिविधियां संदिग्ध रही है। उसके विरुद्ध कई अपराधिक प्रकरण भी पंजीकृत है। मारपीट की घटनाओं में वह शामिल रहा है। जहां लाश मिली वह जंगल है। उस क्षेत्र में शहर के नशेडिय़ों का आना जाना लगा रहता है। खासकर नशीले इंजेक्शन का उपयोग करने वाले उस क्षेत्र में जाकर नशे की पूर्ति करते है। संदेही के भी नशापान करने की जानकारी पुलिस को मिली है। कुछ महीनों से वह जमीन का भी धंधा कर रहा था मृतक अक्षत अग्रवाल पिछले कुछ वर्षों से अपने पिता के कारोबार को संभाल रहा था। उसकी पहचान कार्य के प्रति समर्पित युवा के रूप में होने लगी थी। उसे नजदीक से जानने वाले घटना से हतप्रभ है।

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