राइस मिल से बढ़ रहा प्रदूषण जनस्वास्थ्य के लिए चुनौती पैदा

अकलतरा। नगर के महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित राइस मिल मुहल्ले के लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। राइस मिल से निकलने वाले काले धुएं और राखड़ से वार्डवासी परेशान हैं। वार्डवासियों ने कई बार इसकी शिकायत शासन प्रशासन से करते हुए कार्रवाई की मांग की मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार लोगों ने इसकी शिकायत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की है। जिस पर केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण मंडल के सचिव को जांच कर कार्रवाई करने और उससे बोर्ड को अवगत कराने का आदेश जारी किया है।
नगर के वार्ड क्रमांक 16 महाराणा प्रताप चौक के नजदीक उसना राइस मिल संचालित है। राइस मिल संचालक के द्वारा मिल से निकलने वाली गंदा पानी एवं जली हुई भूसी का निपटान उचित तरीके से नहीं किया जाता है जिसके कारण रोज सुबह, शाम, रात में गंदा पानी के निकासी के समय बहुत ही तेज दुर्गन्ध युक्त हवा निकलने से स्वास्थ्य गत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राइस मिल से निकलने वाला गंदा पानी मोहल्लेवासियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। राइस मिल से निकलने वाले काले धुएं राखड़ और धान की भूसी घरों तक आने से वार्डवासी परेशान हैं। वहीं, राइस मिल से निकलने वाली गंदा पानी मुहल्ले के पास भराव होने से वहां दुर्गंध हमेशा फैली रहती है, जिसके चलते लोग बीमार भी पडऩे लगे है। इस समस्या के निराकरण की मांग को लेकर शासन प्रशासन द्वारा आयोजित समस्या निवारण शिविर में भी 5 मई 2022 और 22 जुलाई 2022 को आवेदन कर चुके है। लेकिन समस्या का निराकरण अभी तक नहीं हो पाया है।
वार्ड वासियों ने एक बार फिर 26 फरवरी 2024 को कलेक्टर को रजिस्र्ट डाक के माध्यम से पत्र भेजकर प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की गई मगर शासन प्रशासन द्वारा वार्डवासियों की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज तक प्रदूषण फैलाने वाले मिलर्स पर शासन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे प्रदूषण का खामियाजा जनता को अपने स्वास्थ्य खराब कर भुगतना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर कई बार संबधित अधिकारियों के पास गुहार लगाने से भी समस्या का हल नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। आखिरकार लोगों ने 7 मार्च को इसकी शिकायत केंद्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड से करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए 26 मार्च को राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण मंडल के सचिव को जांच कर कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई से बोर्ड को अवगत कराने का आदेश जारी किया है।
छतों पर जम जाती है धुएं की काली मोटी परत
वार्डवासियों का आरोप है कि वे लोग अपने घरों में ही कैद होकर रह गए हैं। न तो वे सूरज की पहली किरण को देखने के लिए खिडक़ी खोल सकते हैं और न ही रात में अपने घरों की छत पर चढ़ सकते हैं। उसना चावल मिल दिन रात काला धुंआ छोड़ रहे हैं। यह धुआं घरों में घुस रहा है और छतों पर धुएं की काली मोटी परत जम जाती है। महिलाएं न तो अपने घर की छतों पर कपड़ा सूखा सकती है और न ही किसी प्रकार की खाने- पीने का सामान छत पर रख सकती हैं। घर की छत पर जाने पर काले धुएं की मोटी परत पर पांव रखने पर पांव के निशान बन जाते हैं।
विभाग नहीं करती मानिटरिंग
शहर में संचालित राइस मिलर्स पर अफसर मेहरबान हैं। राइस मिल से निकले गंदे पानी व जहरीले धुएं से आसपास के लोंगो को परेशानी हो रही है। वहीं, मिल जो खुले स्थान में होने चाहिए वे बीच बस्ती घनी आबादी में स्थापित किए गए हैं, जिन्हें शहर से बाहर करने की मांग समय-समय पर नागरिकों द्वारा की जाती रही है, लेकिन अफसर आंख मूंदे बैठे हैं।

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