राजकोट अग्निकांड में ३5 मौत के बाद अभी भी लापता कई लोग, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

राजकोट , २७ मई ।
25 मई को गुजरात के राजकोट के गेमिंग जोन में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में 12 बच्चों समेत 35 लोगों की मौत हो गई है। राजकोट पुलिस ने टीआरपी गेम जोन के मालिक और उसके मैनेजर को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने समाचार एजेंसी को बताया कि टीआरपी गेम जोन में गर्मी की छुट्टियों का आनंद लेने वाले लोगों की भीड़ थी। शवों की पहचान डीएनए के जरिए की जा रही है। वहीं अभी भी कुछ लोग लापता हैं और कुछ लोगों के शवों की पहचान भी हो चुकी है। जब उनकी तस्वीर सामने आई तो परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। इस बीच सोमवार को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम राजकोट के टीआरपी गेम जोन पहुंची और घटनास्थल की जांच में जुट गई है। जिग्नेश गढ़वी, नीरव वेकारिया, सत्यपाल सिंह जाडेजा, जय गोरेया, सुरपाल सिंह जाडेजा, शत्रुघ्न सिंह चुडासमा, नामदीप सिंह जाडेजा, जयन्त घोरेया, ओमदेव सिंह गोहिल, आशाबेन काठड, हिमांशु परमार, विवेक दशहरा खुशालीबेन दुसारा, स्माइली, तृषा मोडाशिया, वीरेंद्र सिंह जाडेजा, देवश्रीबा जड़ेजा, राजभा चौहान, धर्म सिंह जाडेजा, अक्षय धोलरिया-ख्याति सावलिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाना-मावा रोड पर स्थित गेम जोन में बच्चों सहित कई लोग खेल रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

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