
अंबिकापुर। रिमझिम बारिश के बीच तेज गति के कारण गुरुवार को शहर में दो अलग-अलग दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। तेज गति को ही दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है।
बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में मेंडराकला के समीप अनियंत्रित मेटाडोर की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए वहीं महेंद्रगढ़ रोड में भारी वाहन की टक्कर से युवक ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर कलेक्टर कुंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेंडराकला में गुरुवार की शाम तेज गति की मेटाडोर के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए तीन लोगों को टक्कर मार दी।घायलों में सूरज (20) मेंडराकला,इविन तिर्की (23) बतौली तथा सुनील प्रजापति (40) मेंडराकला है।घटना कैसे हुई यह स्पष्ट नहीं है लेकिन हादसे में एक युवक की हालत बेहद गंभीर है वहीं दो अन्य को भी चोट है। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। यहां कलेक्टर कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा भी पहुंचे। कलेक्टर,एसपी की उपस्थिति में ही घायलों को एंबुलेंस से उतार आपातकालीन उपचार के लिए ले जाया गया। घायलों में एक युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। विशेषज्ञ चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं। न्यूरो सर्जन को भी बुलाया गया है।इसके पहले गुरुवार की सुबह मनेन्द्रगढ़ रोड में सडक़ दुर्घटना में युवक ने दम तोड़ दिया। बलरामपुर जिले के ग्राम सनावल निवासी अफजल (23) अंबिकापुर से लगे ग्राम डिगमा में किराए के मकान में रहकर राजमिस्त्री का काम करता था। गुरुवार सुबह वह मोटरसाइकिल से काम पर जा रहा था। मनेन्द्रगढ़ मार्ग पर सामने से आ रही तेज गति की भारी वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। गंभीर अवस्था में अफजल को अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इन दिनों प्रशासनिक सक्रियता भी बढ़ गई है। सामान्य तौर पर ऐसी घटनाओं में वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल या फिर अस्पताल नहीं पहुंचते थे लेकिन कलेक्टर कुंदन कुमार व पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा खुद आगे आकर हर जरूरतमंद की मदद करने में लगे हैं। शहर की व्यवस्था में सुधार की बात हो या फिर कोई आपात स्थिति पुलिस और प्रशासन का बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है। कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के खुद मौके पर पहुंचने के कारण अधीनस्थ अधिकारी- कर्मचारियों को भी मौके पर पहुंचना पड़ रहा है।


























