
नईदिल्ली, 0३ अगस्त [एजेंसी]।
मोदी सरनेम मानहानि मुकदमा में राहुल गांधी ने उच्चतम न्यायालय में उत्तर दाखिल किया है। राहुल गांधी ने बोला है कि इस मुकदमा में माफी न मांगने के चलते शिकायतकर्ता की ओर से मुझे घमंडी बोलना गलत है। मेरा स्टैंड हमेशा से ये रहा है कि मैने कोई क्राइम नहीं किया है। लिहाजा गुनेहगार ठहराने जाने का निर्णय गलत है। यदि मुझे माफी मांग कर समझौता करना होता, तो ये मैं बहुत पहले कर चुका होता। राहुल गांधी ने ये उत्तर उनके विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दाखिल करने वाले शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी के हलफनामा पर दाखिल किया है। पूर्णेश मोदी ने न्यायालय में दाखिल उत्तर में बोला था कि कि राहुल गांधी ने मोदी सरनेम रखने वाले समाज के एक बड़े तबके की मानहानि की। बिना वजह एक पूरे वर्ग को अपमानित करने के बाद भी राहुल गांधी ने कोई पछतावा जाहिर नहीं किया। उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी है । उनका रवैया हमेशा घमंड भरा रहा है। इस लिहाज से वो न्यायालय से गुनाह सिद्धि पर रोक जैसी कोई राहत पाने के अधिकारी नहीं है। राहुल गांधी ने बोला है कि इस हल्की मुकदमा में सज़ा होने के चलते उनका हानि इसलिए बड़ा है कि क्योंकि वो एक जनप्रतिनिधि भी है। इस मुकदमा में दी वर्ष की सज़ा के चलते राहुल गांधी को अपनी संसद सदस्यता खोनी पड़ी थी। राहुल गांधी ने बोला है कि उन्हें मानहानि मुकदमा में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेश के विरुद्ध सेशन न्यायालय में पेंडिंग अपनी अपील में कामयाबी की पूरी आशा है ।























