
सूरजपुर। जिले के श्यामनगर गांव में जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करने का मामला सामने आया है। प्रशासनिक उदासीनता का दंश झेल रहा यह ग्रामीण खुद को जिंदा साबित करने के लिए कई महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। इससे शासन प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। भैयाथान तहसील की उप तहसील भटगांव के श्यामनगर गांव में जमीन हड़पने की नीयत से रिश्तेदारो ने जीवित नन्दलाल को मृत घोषित कर दिया। अब नन्दलाल हाथ में मैं जिंदा हूं साहब की तख्ती लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने मजबूर है। खुद को जीवित साबित करने के लिए श्यामनगर हरिजनपारा निवासी नंदलाल हरिजन दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। पीडि़त नंदलाल की मानें तो उसने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से लेकर कलेक्टर तक से की है, लेकिन आज तक दस्तावेजो में वह जीवित साबित नही हो सका है। क्या किसी जीवित व्यक्ति को अपने आपको जिंदा साबित करना पड़ सकता है, यह सुनकर आपको अजीब सा लग रहा होगा, लेकिन ऐसा हुआ है। नन्दलाल नामक ग्रामीण के पास उसके जिंदा होने के तमाम दस्तावेज है। जो यह प्रमाणित करते हैं कि यह व्यक्ति जिंदा है। इसके बावजूद यह व्यक्ति सरकारी कागजों में आज भी मृत है। जानकारी के मुताबिक नंदलाल के रिश्तेदारों ने इसकी जमीन हड़पने के लिए सरकारी दस्तावेजों में इसे मृत साबित करने के उद्देश्य से तहसील में शपथ पत्र दाखिल किया है। इसमें यह बताया गया है कि नंदलाल की मृत्यु 40 साल पहले हो चुकी है।




























