
कोरबा। गेवरा रोड से पेंड्रा रोड के बीच निर्माणाधीन नई विद्युतीकृत डबल रेलवे लाइन परियोजना में करोड़ों की सामग्री के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस घटना को शुरू में ‘बाहरी लूट’ का रूप देने की कोशिश की गई थी, कोरबा पुलिस की जांच में वह विभाग और कंपनी के भीतर से रची गई एक गहरी साजिश निकली। इस मामले में पुलिस ने जेसीबी ऑपरेटर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर ₹25 लाख से अधिक की मशरूका जब्त की है।
ऐसे हुआ बड़े खेल का खुलासा
शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी ने थाना कटघोरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि सिंघिया और सुतर्रा स्थित स्टोर से लोहे के स्लीपर और अन्य निर्माण सामग्री गायब हो रही है। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों के बयानों में विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि कंपनी का ही जेसीबी ऑपरेटर तेजबहादुर पटेल मुख्य सूत्रधार था। उसने अपने पद का फायदा उठाकर महीनों से सामग्री चोरी कर कबाड़ियों को बेची और पकड़े जाने के डर से कर्मचारियों पर दबाव बनाकर इसे लूट की शक्ल देने की कोशिश की।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मुख्य आरोपी तेजबहादुर पटेल और उसके साथी राहुल सिंह मरकाम को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की गई हैं:
घटना में प्रयुक्त जेसीबी मशीन।रेलवे लोहे के स्लीपर के टुकड़े।बिक्री से प्राप्त नगद राशि।कुल अनुमानित कीमत: ₹25 लाख 6 हजार।
सख्त धाराओं में मामला दर्ज
कटघोरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 317(2), 317(3) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
“यह केवल शुरुआत है। सार्वजनिक परियोजनाओं में विश्वासघात और संगठित चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कबाड़ियों की भूमिका की भी जांच जारी है।” — कोरबा पुलिस प्रशासन






















