लव मैरिज कर मुंबई में टैक्सी चलाता था यूपी का डकैत, 18 साल से ढूंढ़ रही थी पुलिस

वाराणसी, २७ नवंबर ।
18 वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा 50 हजार रुपये इनामी अपहरण और बैंक डकैती के आरोपी उन्नाव के थाना बारा सगवर अंतर्गत आलमपुर निवासी सतीश को एसटीएफ ने 25 नवंबर की शाम मुंबई के थाणे स्थित विल्टेक यूनिट ऑफिस से दबोच लिया। गिरफ्तार बदमाश नाम और पता बदलकर दिल्ली, मुंबई, सतना आदि स्थानों पर छिपकर रह चुका है। एसटीएफ को सतीश की मुंबई में मौजूदगी का पता लगा तो उसे दबोच लाई। आरोपी को भदोही की एसबीआई शाखा में पड़ी बैंक डकैती मामले में भदोही के जिला कारागार में दाखिल किया जाएगा।इनामी सतीश वर्ष 2007 में आदमपुर के पेट्रोल पंप कारोबारी के बेटे मनीष के अपहरण और 2006 में भदोही के ग्राम गजिया स्थित भारतीय स्टेट बैंक में पड़ी डकैती मामले आरोपी है। अपहृत मनीष को सतीश उन्नाव में रखा था, जहां से पुलिस ने उसे छुड़ाया था। गिरोह के बेहड़ा (वाराणसी) के कुख्यात दीपक बेहड़ा और राजातालाब के उमेश पहलवान पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। एसटीएफ के इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव ने बताया कि आठवीं पास सतीश उर्फ अजीत दिल्ली की कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था, जहां उसकी भदोही के युवक से दोस्ती हुई। वह भदोही गया था, जहां पुलिस ने उसे कार चोरी में गिरफ्तार जेल भेज दिया। भदोही जेल में उसकी पहचान कुख्यात दीपक बेहड़ा से हुई थी, जिसके बाद दीपक सिंह बेहड़ा, उमेश पहलवान, सतीश ने वाराणसी से एक युवक को अगवा कर उन्नाव में रखे। पुलिस ने गिरोह के बदमाशों को पकड़ लिया, जबकि सतीश अपने भाई दिलीप के यहां लखनऊ भाग गया। आरोपी लखनऊ से कुछ दिन बाद सतना पहुंच हनुमान नगर नई बस्ती में आनन्द द्विवेदी के यहां किराए के मकान में कई वर्ष तक रहकर कपड़े सिलता था।
सतना में मनीष कोरी की जगह मनीष तिवारी के नाम से स्थानीय पते पर आधार कार्ड बनवा लिया।इसके बाद सतना की युवती कंचन से शादी कर उसके साथ मुंबई चला गया, जहां वह टैक्सी ड्राइविंग कर गुजर बसर कर रहा था, जिसे एसटीएफ ने एक दशक बाद अब पकड़ लिया है।इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव, दारोगा शहजादा खां, मुख्य आरक्षी विनय मौर्या, सत्यपाल, दिलीप कश्यप, आरक्षी रवि सिंह व आरक्षी चालक राजकुमार शामिल रहे।

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