
प्रतापपुर। होटल व्यवसायी अशोक कश्यप के पुत्र रिशु (10) के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पुलिस रहस्योद्घटन के नजदीक पहुंच गई हैं। प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम करसी के समीप मानव अवशेष की बरामदगी के साथ ही पुलिस ने दो-तीन संदेहियों को भी हिरासत में ले लिया है। खबर है कि रिशु की हत्या कर शव को जला दिया गया था। फिरौती के लिए ही दिल दहला देने वाली यह घटना हुई है। मामला सामने आने के बाद से प्रतापपुर में शोक व आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया है। आक्रोशित लोगों ने प्रतापपुर में विरोध प्रदर्शन भी किया है। पुलिसकर्मियों को तैनात कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। सोमवार को इस पूरे मामले का राजफाश हो जाने की संभावना है। प्रतापपुर में रविवार को पुलिस की हलचल बढ़ते ही यह खबर तेजी से फैली की लापता रिशु की हत्या कर दी गई है। घटना में पड़ोस में ही रहने वाले दो-तीन लोगों के शामिल होने की बात भी सामने आई,जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस अधीक्षक एमआर अहिरे के साथ आला पुलिस अधिकारियों के प्रतापपुर पहुंचने से उक्त दावे को और बल मिला। ग्राम करसी से मानव शव के अंग मिलने से लोगों का आक्रोश सड़क पर आ गया।देखते ही देखते संदेहियों के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित भीड़ ने संदेहियों के घर के बाहर खड़ी उनकी पिकअप व बोलेरो वाहन में जमकर तोडफ़ोड़ करते हुए दोनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। संदेहियों के घर के बाहर तनाव का माहौल निर्मित हो गया। जानकारी मिलते पुलिस भी तत्काल वहां पहुंची और स्थिति को अपने काबू में करते हुए लोगों की भीड़ को समझाइश देते हुए वहां से हटाया। फिलहाल किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संदेहियों के घर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर वहां स्थित मार्ग के दोनों और बैरिकेड भी लगा रखे हैं।जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनका रिकार्ड भी असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों का रहा है।बहरहाल घटना की जानकारी मिलते ही पीडि़त परिवार में मातम पसर गया है। प्रतापपुर में भी शोक का माहौल है। घटना में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग भी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार रिशु के लापता होने के बाद से ही बच्चे के स्वजन इन्हीं युवकों के ऊपर घटना में शामिल होने की शंका जाहिर कर रहे थे। पुलिस ने भी इन युवकों को पकड़कर लापता बच्चे के संबंध में कई बार पूछताछ की थी। सामान्य तरीके से की जा रही पूछताछ में संदेहियों ने पुलिस को कुछ भी न बताते हुए केवल गुमराह करने का काम किया था। लेकिन इनकी गतिविधियां संदिग्ध थी। पुलिस ने भी इन्हें निगरानी में रखा था। घटना से जुड़े प्रमाणित तथ्य नहीं मिलने के कारण पुलिस सख्ती नहीं बरत पा रही थी। पुलिस की जांच लगातार चल रही थी। पुलिस को दो -तीन दिनों पहले इन युवकों के बच्चे के लापता होने से जुड़ी घटना में शामिल होने के कुछ अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने इन्हें फिर से पकड़ा। थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गईं। सूत्रों के अनुसार इस बार पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण जानकारी थी। इसलिए संदेहियों को इस बार पुलिस को गुमराह करने का अवसर नहीं मिला। इनके बयान भी विरोधाभाषी थे। लगातार पूछताछ के बाद ये टूट गए और सारी सच्चाई बता दी। सूत्रों के अनुसार यह स्पष्ट हो गया है कि रिशु अब इस दुनिया में नहीं है। उसकी हत्या कर दी गई है। संदेहियों ने स्वीकार कर लिया है कि घटना में वे शामिल थे। रिशु को उसके घर के पास से बहला फुसलाकर अगवा किया गया था।


























