
रामानुजगंज। नगर के राजेश ज्वेलर्स में करोड़ों की लूट के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार छह आरोपितों को पुलिस गुरूवार देर शाम जब न्यायालय पेश करने रामानुजगंज पहुंची तो सैकड़ों की संख्या में नगरवासी वहां जमा हो गए। लोगों ने छत्तीसगढ़ पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाते हुए उनका आभार जताया। घटना के 22 दिन बाद बलरामपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल के पदभार ग्रहण करने के साथ ही मिशन मोड में काम करना प्रारंभ किया और तीन हफ्ते की कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार आभूषण दुकान में लूटपाट के छह आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस टीम में शामिल रामानुजगंज थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी रामानुजगंज पहुंचे तो नगरवासियों के द्वारा आतिशबाजी के साथ लरंगसाय चौक पर जोरदार अभिनंदन किया गया एवं पुलिस के जयकारे के नारे लगाए गए। लूट के आरोपितों तक पुलिस को पहुंचना बहुत ही कठिन था। क्योंकि आरोपित मोबाइल का उपयोग नहीं करते थे। साथ ही वे बात करने के लिए दूसरे के मोबाइल का सहारा लेते थे। यहां तक की हाटस्पाट से नेट लेकर कार्य करते थे। इस बीच मुख्य आरोपित को प्रेमिका से बात करना बाकी अपराधियों को महंगा पड़ा। आखिरकार पुलिस आरोपितों तक पहुंची गई। पुलिस के अनुसार आरोपित सोनू की प्रेमिका जिसके साथ सोनू का करीब 10 वर्ष से प्रेम संबंध है। वह मूल रूप से लातेहार की है और चंडीगढ़ के मोहाली के पास बड़े घरों में कार्य करती थी। नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक वैभव रमनलाल के साथ 20 पुलिस कर्मी 24 घंटे मामले की जांच में लगे रहे। पुलिस अधीक्षक स्वयं साइबर सेल में सात रातें गुजारी। 24 घंटे अलर्ट मूड में रहे। इसके बाद ही पुलिस के हाथ आरोपितों तक पहुंच सके। हर छोटी से छोटी मूवमेंट की जानकारी पुलिस अधीक्षक टीम से लेते रहे। मौका स्थिति के अनुसार पुलिस की रणनीति भी बदलती रही। तमाम चुनौती एवं मुश्किलों के बीच आखिरकार पुलिस अपराधियों तक पहुंच गई।


















