
जांजगीर। जिले में खराब सडक़ों से लोग काफी परेशान हैं। कई ग्रामीण इलाकों की सडक़ पर चलना भी मुश्किल है। ऐसी सडक़ों को नए सिरे से बनाना तो दूर ठीक से मरम्मत भी नहीं कराई जा रही है। ऐसी की स्थिति शहर से जर्वे पिसौद से होते हुए पीथमपुर जाने वाली सडक़ की है। सडक़ पर िबछाई गई डामर की परत पूरी तरह उधड़ चुकी है। जर्वे के नहर के पास, पंचायत भवन, प्राइमरी स्कूल, बस्ती के आसपास सडक़ काफी खराब स्थिति में है। आरटीओ कार्यालय से लेकर पीथमपुर मंदिर पहुंचने तक करीब 7 किलोमीटर के दायरे में 56 से अधिक बड़े गड्ढे हो गए हैं।
जर्वे, पिसौद होते हुए पीथमपुर मार्ग की स्थिति पिछले पांच साल से खराब है। सडक़ में कई गड्ढे हो गए हैं। पिसौद बस्ती से होते हुए पीथमपुर जाने वाले के लिए बीच में सडक़ ही नहीं है। सडक़ के नाम पर केवल गड्ढे हैं। बारिश बंद होने पर धूल और मिट्टी नजर आती है। पिछले साल जब बारिश हुई तो ग्राम जर्वे में रोड मेंटेनेंस के नाम केवल छोटे-छोटे गड्ढों को भर दिया था। अब बारिश में फिर सडक़ खराब हो गई है। गांव के लोगों के लिए जिला मुख्यालय के आरटीओ ऑफिस, जिला अस्पताल, जिला पंचायत, कलेक्ट्रेट के अलावा एसपी ऑफिस, जिला न्यायालय पहुंचने के लिए एक मात्र यही सडक़ है। यह सडक़ जर्वे, पिसौद और पीथमपुर के बाबा कलेश्वर नाथ मंदिर जाती है। इसके कारण पूरे सावन में मंदिर जाने वाले श्रद्धालु परेशान हुए। खराब सडक़ से प्रभावित राहगीर रमेश व शंकरलाल ने बताया कि पिछले कई साल से सडक़ की स्थिति खराब है। किसी ने सडक़ बनवाने पर ध्यान नहीं दिया।तीन किमी तय करने में लग जाते हैं 20 मिनट भास्कर टीम ने सोमवार को जर्वे से पिसौद सडक़ पर कलेश्वर नाथ मंदिर तक यात्रा कर सडक़ की स्थिति जानी। इस दौरान पाया कि जर्वे बस्ती से लेकर पिसौद तक तीन किलोमीटर सडक़ बेहद खराब हो चुकी है। सामान्य सडक़ को बाइक से पांच से 7 मिनट में तय किया जा सकता है, लेकिन जर्वे से पिसौद बने गड्ढों के कारण 20 मिनट से ज्यादा समय लग गए। पिसौद बीच बस्ती के पास सडक़ गायब हो गई है।





















