वाटर स्पोट्र्स, एडवेंचर को बढ़ावा मिलेगा बॉयो डायवर्सिटी पार्क से

प्राजेक्ट पर पांच करोड़ खर्च होंगे पांच साल में
-तरूण मिश्रा-
कोरबा। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा घने वनों की अधिकता के साथ-साथ प्रकृति की विविधता कोरबा वनमंडल में मौजूद है। भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून और जबलपुर की संस्थाएं इस पर शोध भी कर रही हैं। वनमंडल कोरबा के अंतर्गत बेला में बायो डायवर्सिटी पार्क तैयार करने की योजना पर कामकाज जारी है। अधिकतम पांच साल में इसे पूरा किया जाना है। रोमांच के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों को बढ़ाने वाली गतिविधियां भी इस क्षेत्र में खास आकर्षण का केंद्र होंगी। पार्क के बनने से इस इलाके में लोगों की अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी।
राज्य शासन के पास वर्ष 2018-19 में बायो डायवर्सिटी पार्क को लेकर वन विभाग ने प्रस्ताव भेजा था। उस पर तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति आने में काफी समय लगा। प्रतीक्षा करते-करते बीते साल में इसका रास्ता प्रशस्त हुआ। कुल 5 वर्ष की योजना इसे अंतिम चरण तक पहुंचाने के लिए बनाई गई है। कई प्रकार के आयाम इसमें शामिल किये जाने हैं और इस पार्क को बहुद्देशीय स्वरूप दिया जाना है। जिले का पहला बायो डायवर्सिटी पार्क का गौरव इसे मिलने जा रहा है इस नाते भी प्रतिबद्धता के साथ इस ओर कामकाज किये जा रहे हैं। वनस्पति विज्ञान और प्रकृति से संबंधित पहलुओं का अध्ययन करने वाला वर्ग स्कूल से लेकर कॉलेज और अन्य क्षेत्र में शामिल है। पार्क में स्थानीय वनस्पति, आयुर्वेद और नेचुरल ट्रैक सहित अन्य एट्रैक्शन होंगे। समय के साथ अनुसंधानपरक चीजों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में शैक्षणिक भ्रमण के साथ-साथ मौके पर विशेषज्ञों से मिलने वाला मार्गदर्शन जरूरी हो गया है। बायो डायवर्सिटी पार्क शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों और शोध छात्रों की बड़ी मांग को पूरा करेगा।वन विभाग की ओर से इस योजना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। योजना की स्वीकृति में काफी विलंब होने से पहले वर्ष में केवल संबंधित क्षेत्र की चारदीवारी और अनिवार्य आवश्यकता वाले कार्यों को पूरा किया जा सका है। योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र में पिकनिक स्पॉट विकसित करने के साथ-साथ कई प्रकार की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। लगभग 5 करोड़ रुपए इस पूरे मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए खर्च किया जाना प्रस्तावित है। दावा किया जा रहा है कि यह इस प्रकार का स्वरूप होगा जो अपने आपमें अलग होगा और अपने आकर्षण व विशेषता के साथ हर किसी को चमत्कृत करेगा।
केसला को मिलेगी पहचान
बायो डायवर्सिटी पार्क का निर्माण करने के साथ यहां बटरफ्लाई पार्क, केसला नदी पर वॉटर स्पोट्र्स, आधुनिक समय के रोमांच व साहसिक कार्य के अलावा नेचर पर आधारित कई आयाम को शामिल करते हुए इन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। कोशिश होगी कि इस बहाने संबंधित क्षेत्र से बहने वाली केसला नदी को एक असाधारण पहचान दिलाई जाए।
– जयंत सरकार, रेंजर बालकोनगर
नई लोकेशन का लाभ मिलेगा सैलानियों को
हर वर्ष प्रकृति को जानने-समझने के लिए देश और दुनिया के लोग नई लोकेशन की तलाश करने के साथ कुछ दिन गुजारने की मानसिकता बनाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नए क्षेत्र में जाने का अवसर मिलता है और वे वहां की प्राकृतिक विविधता से परिचित होने के साथ अपना ज्ञानवर्धन भी करते हैं। कोरबा जिले में पहले ही सतरेंगा जल विहार केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। ऐसे में बालकोनगर रेंज के अंतर्गत बेला इलाके में तैयार हो रहे बायो डायवर्सिटी पार्क एक अतिरिक्त आकर्षण के रूप में सामने आएगा।
यूथ हॉस्टल ने जताई प्रसन्नता
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कोरबा जिले में वन विभाग द्वारा बनाए जा रहे बायो डायवर्सिटी पार्क और उसके विभिन्न चरणों की उपयोगिता को लेकर प्रसन्नता जताई है। स्टेट चेयरमेन संदीप सेठ ने कहा कि हमारा संगठन युवाओं के साथ-साथ अन्य लोगों को प्रकृति से जोडऩे और साहसिक व रोमांचकारी गतिविधियों में शामिल होने के लिए लगातार जोड़ रहा है। निश्चित रूप से कोरबा जिले में जिस प्रोजेक्ट पर वन विभाग काम कर रहा है वह महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ सही दिशा में बढ़ रहा कदम है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ होगा।

RO No. 13467/11