विकास के नाम पर हवा में उड़ा दिए करोड़ों रुपये नौ साल बाद आज होगा घोटाले पर अंतिम फैसला

बाराबंकी, १६ अक्टूबर । विकास कार्यों के नाम पर हवा में करोड़ों रुपये खपा दिए गए। कारण बताओ नोटिस जारी हुई। साक्ष्य मांगे गए, लेकिन ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत आडिट के दौरान न तो बिल बाउचर और न ही सामग्री खरीद की रसीद दिखा सकी। अधिकारी भी कार्रवाई करने में असहाय दिखे। अब इन फाइलों का मामला पंचायत राज समिति के पास पहुंच गया है। शासन से नामित विधायकों की टीम, प्रमुख सचिव और निदेशक नौ वर्ष बाद सोमवार को इस पर निर्णय लेंगे। 2014-15 में हुई आडिट में विकास कार्यों में खर्च पैसा का हिसाब ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत नहीं दे पाई थीं। नौ वर्षों से स्पष्टीकरण और बिल बाउचर मांगे जा रहे हैं। अब जाकर लखनऊ में सोमवार को पंचायत राज समिति की बैठक होगी। इसमें विधायक, प्रमुख सचिव, निदेशक आदि मौजूद रहेंगे।बाराबंकी सहित तमाम जनपदों से आई आपत्तियों पर विचार किया जाएगा और निर्णय होगा कि उनसे पैसों की वापसी कराई जाए या फिर एक महीने का मौका देकर कागज प्रस्तुत करने के लिए कहा जाए। जिले में 60 ग्राम पंचायतों में 275 आपत्तियां हैं। प्रतिवेदन वर्ष 2014-15 और 2015-16 में ग्राम पंचायतों में लेखा परीक्षक ने आडिट किया तो हिसाब नहीं मिला था। आडिट टीम ने पैसा वापसी के लिए लिख भी दिया है। बताया जा रहा है कि करीब दो करोड़ से अधिक का पैसा खर्च करने का हिसाब ग्राम पंचायतों के पास नहीं है। जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित भारती ने बताया कि कार्रवाई के लिए सभी फाइल तैयार हो गई है। यह मामला अब पंचायती राज समिति में सुना जाएगा। समिति ही कार्रवाई का निर्णय लेगी। चार ब्लॉक की भूमिका संदिग्ध नौ वर्ष पहले क्षेत्र पंचायत से कराए गए कार्यों में पूरेडलई, सिरौलीगौसपुर, मसौली और हरख ब्लाक की भूमिका संदिग्ध मिली है। विकास कार्यों के नाम पर खर्च पैसे का हिसाब आज तक नहीं दिया गया। मामला गबन की श्रेणी में है। सोमवार को शासन में पंचायती राज समिति की ओर से बैठक है। यहां क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के मामलों को सुना जाएगा। आडिट में कुछ गड़बडिय़ां मिली थीं, जिनमें निर्णय लिया जाना है। -भूषण कुमार, जिला विकास अधिकारी, बाराबंकी

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