
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग से राजनीतिक इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री बनने का सपना पूरा हो गया है। अभिभाजित मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद संभाग का सरकार बनाने में अहम योगदान रहा है। कांग्रेस की सरकार बने या भाजपा की, सरगुजा की 14 सीटों पर सभी की निगाहें होती हैं।पूरी ताकत दोनों ही पार्टियों झोंक देती हैं। दोनों ही पार्टियों को सरगुजा संभाग ने समय-समय पर साथ दिया है। वर्ष 2018 के चुनाव में जहां संभाग की 14 में से 14 सीटें कांग्रेस की झोली में चली गई थीं, तब सरगुजा के कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाए जाने के नाम पर लोगों ने दिल खोलकर मतदान किया था, यही कारण था कि सभी 14 सीटें कांग्रेस की झोली में आई थीं।
पांच साल बीतने के बाद इस बार के विधानसभा चुनाव में यहां के मतदाताओं ने सभी 14 सीटें भाजपा को दे दीं। संभाग से एक तरफ़ा जीत मिलने का इनाम संभाग को मिल गया। जैसे ही सरगुजा संभाग के जशपुर जिले के कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक,कद्दावर आदिवासी नेता विष्णुदेव साय के नाम की घोषणा हुई समूचे सरगुजा संभाग में खुशी की लहर दौड़ गई। पहली बार संभाग से किसी को मुख्यमंत्री का पद मिला है।कई केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जब भी सरकार बनती तो संभाग से कोई न कोई वरिष्ठ मंत्री होता ही था किंतु मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य पहली बार संभाग से विष्णु देव साय को मिला है। विष्णुदेव साय का सरगुजा जिले से भी गहरा नाता है।बतौर प्रदेश अध्यक्ष वे अक्सर यहां आया करते थे।उनकी कई जगह रिश्तेदारी के साथ पारिवारिक संबंध भी है। अपने स्वच्छ छवि के कारण उन्हें हर कोई पसंद करता है। सरगुजा संभाग में अब तक किसी भी विवाद में उनका नाम सामने नहीं आया है। भाजपा ने ऐसे आदिवासी नेता को मुख्यमंत्री बनाकर एक बड़ा संदेश तो दिया ही है सरगुजा संभाग का गौरव भी बढ़ाया है।यहां के लोग कितने खुश हैं इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि इंटरनेट मीडिया पर कई दिनों से विष्णु देव साय मुख्यमंत्री बनेंगे..! जैसे पोस्ट लोग कर रहे थे। रविवार को जैसे ही उनके नाम पर मोहर लगी सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता व आदिवासी समाज में खुशी की लहर दौड़ गई।संभाग में कंवर समाज की बहुलता है ऐसे में पहली बार उनके समाज से किसी को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर उत्साह का वातावरण निर्मित हो गया है। सरगुजा के पड़ोसी जिले जशपुर के छोटे से गांव में रहने वाले तीन पीढियों से राजनीतिक परिवार से जुड़े जन संघ के बेहद करीबी माने जाने वाले विष्णु देव साय का चयन सरगुजा के लिए ऐतिहासिक है। लोगों को अब संभाग में विकास होने की उम्मीद भी बढ़ी है। सरगुजा संभाग हमेशा अपेक्षित रहा है। मध्य प्रदेश के जमाने में यहां की सडक़ों की हालत बेहद खराब थी।छत्तीसगढ़ बना तो 15 वर्ष भाजपा की सरकार रही। तब भी सडक़ों को लेकर आवाज उठती रही। पांच साल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री रहे। राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के कारण संभाग की इन पांच वर्षों में भी काफी उपेक्षा हुई। ऐसी स्थिति में अब भाजपा ने संभाग से मुख्यमंत्री बना दिया है। लिहाजा अब संभाग में विकास की उम्मीद बढ़ी है। संभाग में 2018 में टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने के नाम पर हर वर्ग ने दिल खोलकर मतदान किया था और 14 सीटें कांग्रेस की झोली में आई थी किंतु मध्य छत्तीसगढ़ से भूपेश बघेल को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बना दिया।पांच साल लगातार संभाग के लोगों को निराशा रही।ढाई- ढाई साल मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा चलती रही पर संभाग के नेता टीएस सिंहदेव को मौका नहीं मिला। सरगुजा संभाग के लोगों की निराशा को इस बार भाजपा ने दूर कर दिया। संभाग से ही विष्णु देव साय आते हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर संभाग के मतदाताओं को बड़ा तोहफा भाजपा ने दिया है।
























