
मुंबई। भारतीय नौसेना के गिरफ्तार दो अधिकारियों को लेकर मुंबई की अपराध शाखा ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के रिमांड की मांग करते हुए कोर्ट को बताया कि दोनों अधिकारी वीजा रैकेट के सरगना है। इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने लेफ्टिनेंट कमांडर विपिन कुमार डागर और सब लेफ्टिनेंट ब्रह्म ज्योति की हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ा दी है।
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दावा किया है कि दोनों अधिकारी कथित तौर पर एक समूह का हिस्सा थे, जो दक्षिण कोरिया में अवैध तरीके से काम करने के इच्छुक भारतीयों को वीजा दिलाने में मदद करता था। इस मामले में पुलिस टीम ने नौसेना के दो अधिकारियों के अलावा, सिमरन तेजी, रवि कुमार और दीपक मेहरा उर्फ डोगरा गिरफ्तार आरोपी हैं। सभी पांचों को उनकी मौजूदा हिरासत खत्म होने के बाद अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी विनोद पाटिल के समक्ष पेश किया गया था।