
लखनऊ, २७ मार्च। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पांच दिन में 50 लाख कापियां जांचने की चुनौती है। 31 मार्च तक सभी 3.01 करोड़ कापियां जांची जानी है और अभी तक इसमें से 83.47 प्रतिशत कापियों का मूल्यांकन हो चुका है। बची 16.53 प्रतिशत कापियां यानी 49.75 लाख कापियों का मूल्यांकन किया जाना है। ऐसे में अब प्रतिदिन कम से कम 10 लाख कापियां जांचनी होंगी। उधर शिक्षक संगठन शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह की हत्या के विरोध में मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट, ठकुराई गुट, एकजुट गुट और चेतनारायण गुट ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रखने की अपील की है। 259 मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात सभी शिक्षकों से कापी न जांचने की अपील की गई है। शिक्षक संगठन पीडि़त परिवार को दो करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की मांग पर अभी भी अड़े हुए हैं। उधर माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेन्द्र देव ने शिक्षक संगठनों को पत्र लिखकर समय पर कापियों का मूल्यांकन कार्य पूरा करने और परिणाम जारी करने में सहयोग मांगा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि वाराणसी के शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह की मुजफ्फरनगर में कापियां पहुंचाने के दौरान सिपाही चंद्र प्रकाश ने हत्या कर दी थी। आरोपित सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और बर्खास्त भी कर दिया गया है। वहीं मृतक शिक्षकों के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक मदद के साथ-साथ अब असाधारण पेंशन के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ऐसे में यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम समय पर जारी हो इसमें अब शिक्षक मदद करें।फिलहाल 16 मार्च से कापियों का मूल्यांकन शुरू हुआ और 18 मार्च को शिक्षक की हत्या के विरोध में शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। फिर 19 मार्च को शिक्षक मान गए थे और 22 मार्च तक उन्होंने मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया था। फिलहाल दो करोड़ की आर्थिक मदद देने की मांग के अलावा अन्य मांगें पूरी हो गई हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार से मूल्यांकन बहिष्कार वापस भी हो सकता है।

























