
कोलकाता, १३ फरवरी । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल के संदेशखाली में अशांति को लेकर सोमवार को ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वहां जिस तरह से महिलाओं पर अत्याचार हुआ है, वह राज्य के लिए शर्मनाक है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बंगाल दौरे पर आए चौहान ने हावड़ा में भाजपा नेताओं के साथ सांगठनिक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की।इस दौरान चौहान ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री एक महिला हैं, लेकिन वह महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल हैं। यहां महिलाओं को कोई सुरक्षा नहीं है। राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीमें बंगाल आकर पूरी मामले की जांच करें। अपराधियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर ममता सरकार को घेरा।उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल के शासन में राज्य में हिंसा और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने यहां तक टिप्पणी की कि बंगाल की जो कभी पूरे देश में प्रतिष्ठा थी, वह आज घोटालों का प्रदेश बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपने नाम पर केंद्र की योजनाएं चला रही हैं। चौहान ने उम्मीद जताई कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा बंगाल में 2019 से भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी बंगाल में 35 से ज्यादा सीटें जीते, इसको लेकर उन्होंने बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने शाम में हावड़ा के उलबेडिय़ा में भाजपा कार्यालय में पार्टी के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को भी संबोधित किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं ने फरार स्थानीय तृणमूल नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हाल में विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी। महिलाओं का आरोप है कि शाहजहां और उनके गिरोह ने उनका यौन उत्पीडऩ किया तथा उनकी जमीन के बड़े हिस्से पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया है। चौहान ने विपक्षी आइएनडीआइए पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा, कोई उधर गिरा और यह हर तरफ फैल गया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्षी गठबंधन टूट गया है। उस गठबंधन के कई लोग अब हमारे एनडीए में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी सीधे सवाल कर रही हैं कि क्या कांग्रेस में आगामी लोकसभा चुनाव में 40 सीटें जीतने की भी क्षमता है। बंगाल में ममता दीदी की पार्टी जबकि पंजाब में अरङ्क्षवद केजरीवाल की पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव लडऩा चाहती है।






























