
चरचा कालरी। कोरिया जिले का एक शहरी क्षेत्र है नगर पालिका शिवपुर चर्चा जहां दोनों ही मुख्य राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि अपनी उपलब्धियो का गुणगान करते रहते हैं चर्चा को विकसित चर्चा बनाने में अपनी अहम भूमिका बताते हैं किंतु इस विकसित नगर पालिका का दुर्भाग्य कहे या फिर कड़वी सच्चाई यह है कि आज भी शिवपुर चर्चा मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए जंग लड़ रहा है नगर पालिका शिवपुर चर्चा में आने वाले ग्रामीण ,छोटे व्यापारी अपने आप को बेहद ही असहाय महसूस कर रहे हैं ,उनकी सुविधाओं के प्रति जनप्रतिनिधि संज्ञान नहीं ले रहे हैं और ना ही पालिका प्रशासन कार्रवाई कर रहा है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नगर पालिका शिवपुर चर्चा में लाखों की लागत का सार्वजनिक शौचालय है।
नगर पालिका क्षेत्र के दैनिक एवं साप्ताहिक बाजार में आने वाले ग्रामीण व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और महिलाओं की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से लगभग 2 वर्ष पूर्व एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण प्रारंभ किया गया था यह निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है, और इसका भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बावजूद, शौचालय अब तक जनहित में शुरू नहीं हो पाया है और ठेकेदार के कब्जे में पड़ा हुआ है। जबकि पालिका प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि जनहित के कार्यों को तत्काल प्रारंभ करें। बाजार में आने वाले ग्रामीण, व्यापारी, स्थानीय नागरिक और विशेष रूप से महिलाएँ इस सुविधा के अभाव में काफी परेशान हो रहे हैं। वर्तमान मैं गांव से आने वाले सब्जी विक्रेता शौचालय के सामने बैठकर सब्जी बेचने को मजबूर है यदि यह शौचालय जल्द चालू कर दिया जाए, तो इससे व्यापारियों और नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस शहरी क्षेत्र में जब ठेकेदारों की मनमानी और प्रशासन की लापरवाही देखने को मिल रही है, तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति कितनी दयनीय होगी। सूत्रों के अनुसार शौचालय में बेहद घटिया कार्य किए गए हैं जिसकी वजह से अभी तक लोकार्पण नहीं हो रहा है जानकारी होने के बावजूद पालिका प्रशासन के द्वारा उचित कार्यवाही न करना नगर पालिका की कार्यशैली पर सवालिया प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका प्रशासन इस अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और ठेकेदार के कब्जे से शौचालय को मुक्त कराकर जल्द से जल्द इसका लोकार्पण करता है या नहीं। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो इस मुद्दे को उचित मंच तक पहुँचाया जाएगा।
























