संभव जैन किडनैपिंग केस: लुधियाना में बदमाशों और पुलिस में मुठभेड़, दो की मौत, एक एएसआई घायल

लुधियाना, 30 नवंबर । पंजाब के लुधियाना में होजरी कारोबारी संभव जैन को अगवा करने और गोली मार घायल करने के मामले में पुलिस ने शाम दो गैंगस्टरों को मुठभेड़ में मार गिराया। इस दौरान पंजाब पुलिस के एएसआई सुखदीप भी गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सीआईए-वन टीम ने गैंगस्टरों की घेराबंदी की थी। इसी दौरान स्कूटी सवार गैंगस्टरों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की तरफ से जवाबी फायरिंग की गई। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 20 गोलियां चलाई गईं। बताया जा रहा है कि आरोपी साहनेवाल-डेहलों रोड पर स्थित टिब्बा पुल से जंगल की तरफ जा रहे थे लेकिन पुलिस ने पीछा किया तो उन्होंने गोलियां चला दीं। फायरिंग में दो गैंगस्टरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गैंगस्टर संजीव कुमार उर्फ संजू बाहमन और काकोवाल रोड के शिमला कॉलोनी निवासी शुभम गोपी के रूप में हुई है। मुठभेड़ की सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। आरोपियों से दो पिस्तौल भी बरामद किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि संभव जैन को अगवा कर गोली मारने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें जतिन नेपाली, परमजीत, मनतोश कुमार, आदित्य शर्मा और मंदीप कुमार शामिल थे। वहीं, गैंगस्टर संजू बाहमन और गोपी फरार चल रहे थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास ऑटोमेटिक पिस्तौल थे, जिनसे पुलिस पर फायरिंग की गई है।18 नवंबर को लुधियाना के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके नूरवाला रोड इलाके में होजरी फैक्टरी चलाने वाले कारोबारी संभव जैन उर्फ शोबी को आरोपियों ने अगवा किया था। आरोपियों ने संभव की पत्नी को फोन कर नकदी और जेवरात की मांग की थी। इसके बाद वे करीब दो से तीन घंटे तक जैन को शहर में ही घुमाते रहे।इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकडऩे का जाल बिछाया। इसकी जानकारी मिलने पर आरोपियों ने संभव जैन की जांघ पर गोली मार दी और उसे जगरांव पुल के पास फेंक दिया। वहां से संभव जैन की कार में ही भाग निकले। जैन होजरी के मालिक संभव जैन की नूरवाला रोड पर होजरी फैक्टरी है। जहां होजरी गुड्स तैयार किया जाता है। वह सिद्ध शरमण जी फैब्रिक्स के मालिक प्रेम सागर जैन के भतीजे हैं। कारोबारी की कार उत्तराखंड के हरिद्वार से बरामद हुई है। यह कार एक दिन लुधियाना के फोकल प्वाइंट इलाके में एक घर के बाहर खड़ी रही। वहां से अगले दिन आरोपी लेकर भागे। पुलिस को कार की पहले रोपड़ और बाद में अंबाला में लोकेशन मिली। इसके बाद हरियाणा पुलिस के साथ संपर्क कर मामले की जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि कार उत्तराखंड के हरिद्वार की तरफ गई है। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस से संपर्क किया। जांच की गई तो कार वहां से बरामद हुई।

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