
सक्ती। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 9 जनवरी को नवगठित सक्ती जिला पंचायत सदस्यों के लिए दोपहर 11.30 बजे लॉटरी निकाल कर 2011 की जनगणना के अनुसार आरक्षण किया गया। इसमें सक्ती जनपद अध्यक्ष महिला मुक्त, मालखरौदा जनपद अध्यक्ष मुक्त, डभरा जनपद अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति महिला, जैजैपुर जनपद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ। माने 4 में से 3 जनपद अध्यक्ष की सीट महिला के आरक्षित हुई है।
इसी तरह जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र एक सकरेली बा अनारक्षित, क्षेत्र 2 मसानिया कला अनुसूचित जनजाति महिला, क्षेत्र 3 नगरदा अनुसूचित जनजाति मुक्त, क्षेत्र 4 पोता अनारक्षित महिला क्षेत्र 5 मालखरौदा अनुसूचित जाति मुक्त, क्षेत्र 6 छपोरा अनुसूचित जाति महिला, क्षेत्र 7 सिरली अनारक्षित महिला, क्षेत्र 8 तुषार अनारक्षित मुक्त, क्षेत्र 1 ओडेकेरा अनुसूचित जाति मुक्त, क्षेत्र 10 हंसोद अनुसूचित जाति महिला, क्षेत्र 11 देवरघटा अनारक्षित महिला क्षेत्र 12 कोटमी में अनारक्षित महिला, क्षेत्र 13 किरारी अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, क्षेत्र 14 सकराली अनारक्षित मुक्त है। इसी प्रकार शक्ति के जनपद सदस्यों का आरक्षण 1 जर्वे अनुसूचित जाति मुक्त, क्षेत्र 2 नगरदा अनुसूचित जनजाति मुक्त, 3 सकरेली खुर्द अनुसूचित जनजाति महिला, 4 बरपाली कला अनुसूचित जनजाति मुक्त, 5 देवरी अनुसूचित जनजाति मुक्त, 6 बाराद्वार बस्ती अनुसूचित जाति महिला, 7 पडारीकला अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, 8 डुमरपारा अनारक्षित, 9 सकरेली अनुसूचित जाति मुक्त, 10 लवसरा आना रक्षित महिला, 11 करारी अनारक्षित महिला 12 पोरथा अनारक्षित मुक्त, 13 मसनिया कला अनुसूचित जनजाति महिला, 14 सकरेलीकला अनारक्षित महिला, 15 रगजा अनुसूचित जनजाति महिला, 16 जजंग अनुसूचित जाति महिला, 17 परसादा खुर्द अनारक्षित मुक्त, 18 टेमर अनारक्षित मुक्त, 19 सिंगनसरा अनारक्षित महिला, 20 सोंठी अनारक्षित महिला, 21 नंदौर कला अनारक्षित महिला, 22 बासीन अनारक्षित मुक्त, 23 नवापारा खुर्द अनारक्षित महिला, 24 मरकाम गोडी अनुसूचित जनजाति महिला के आरिक्षत की गई।
आरक्षण प्रक्रिया को लेकर लोगों में भारी उत्साह था। बड़ी संख्या में चारों ब्लॉक के ग्रामीण पहुंचे थे, लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह थी कि 50 प्रतिशत सरकार महिलाओं को आरक्षण दे रही है। बावजूद आरक्षण प्रक्रिया देखना मुश्किल से 4 से 5 महिला ही कलेक्टोरेट सभाकक्ष पहुंची थी। समझा जा सकता है की महिलाएं अपने अधिकारों के लिए कितनी जागरूक हुई है।






















