
जांजगीर-चांपा। साइबर टीम को सट्टे के खिलाफ कार्रवाई में दो सटोरियों को पकडऩे में सफलता मिली है, लेकिन यह कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 7 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने 1 लाख रुपए नकद व 2 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इधर, सटोरिए के पत्नी का आरोप है कि साइबर सेल की टीम ने घर से 4.30 लाख रुपए लेकर गए हैं। इतना ही नहीं चार मोबाइल भी ले गए। उसके पति को मारा भी और गैरजमानती मामला बनाकर जेल दाखिल कर दिया। महिला ने पूरे मामले की शिकायत सोमवार को एसपी के पास करने की बात कही लेकर चर्चा है कि साइबर टीम ने जो जब्ती दिखाई वह वास्तविक रकम से काफी कम है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साइबर टीम ने विजय कसेर के घर दबिश दी और उन्हें हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि टीम ने उनके घर से 4 लाख रुपए नकद जब्त किए, लेकिन जब आधिकारिक रूप से जब्ती की गई तो केवल 1 लाख रुपए ही दर्शाए गए। इसके बाद कसेर को भालेराय मैदान ले जाया गया। जहां उनसे कड़ी पूछताछ की गई। इस दौरान साइबर टीम ने उन पर दबाव डाला कि वह किसी अन्य व्यक्ति का नाम बताए। कसेर ने एक व्यक्ति का नाम लिया लेकिन इसके बाद मामला और भी संदिग्ध हो गया।
वीडियो बनाकर दबाव फिर पैसों की मांग की
सटोरिए द्वारा लिए गए नाम के बड़े भाई के पास साइबर टीम के एक आरक्षक पहुंचा और आरोपी द्वारा ही बनाए गए वीडियो को दिखाकर धमकी दी कि अगर मामला दबाना है तो पैसे देने होंगे। यह घटना नगर में तेजी से चर्चा का विषय बन गई है और साइबर टीम की नीयत व कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े
साइबर टीम की साख पर सवाल
स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा है कि विजय कसेर के घर से लिए गए 4 लाख रुपए का क्या हुआ। यदि टीम ने वाकई यह राशि जब्त की थी तो फिर 1 लाख रुपए की जब्ती क्यों दिखाई गई। नगर में इस मामले को लेकर आक्रोश है और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
साइबर सेल टीम पर जो भी आरोप लगे हैं वह सब बेबुनियाद है। टीम में चांपा थाने की टीम भी गई थी। पूरी रिपोर्ट पारदर्शिता के साथ बनाई गई है।लोग कुछ भी आरोप लगाते हैं।
पारस पटेल, साइबर सेल प्रभारी




















