सतर्कता विभाग ने जीएसटी एनफोर्समेंट के असिस्टेंट कमिश्नर को किया गिरफ्तार, सरकारी कोष में की थी लाखों की हेराफेरी

भुवनेश्वर, १९ अगस्त ।
सरकारी शुल्क में धांधली करने के आरोप में जाजपुर के सिटी एण्ड जीएसटी एनफोर्समेंट असिस्टेंट कमिश्नर विनय भूषण त्रिपाठी को सतर्कता विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही उनके दो अन्य सहयोगियों ज्योति पटनायक एवं मोहम्मद गुलाम को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक 7 मई की रात करीबन एक बजे जाजपुर के रेवेणा में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मौजूद एक ढाबा के पास विनय भूषण ने एक माल से लदे ट्रक को रोका था। इस ट्रक में 22 हजार 240 किलो स्क्राप भरा था, जिसकी कीमत 8 लाख 89 हजार 600 रुपये है। गाड़ी को रोकने के बाद उन्होंने इस स्क्रैप मालिक को फोन कर ढाई लाख रुपये रिश्वत मांगी। इसके साथ ही कहा था रिश्वत की रकम जब तक नहीं मिल जाती है, ट्रक को नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि उनकी यह धमकी काम नहीं आयी।इसके बाद उन्होंने जीएसटी नियम के आधार पर स्क्रैप को जब्त कर लिया और उस स्क्रैप को अन्य एक डीलर को बेच दिया। सरकारी खजाने में कुछ पैसे जमा करने के साथ ही बाकी करीबन 5 लाख 85 हजार 537 रुपये हड़प लिए। इनके नाम पर अब शुल्क छोडऩे के नाम पर घूस लेने के आरोप सामने आया है। विनय भूषण त्रिपाठी ने रिश्वत की रकम नकद के रूप में ली और अपने परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में जमा कर दी। बाद में इन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट में बदल दिया गया।
उसने अपने पिता माधव त्रिपाठी के नाम से भी खाता खोला था और उसमें रिश्वत की रकम जमा कर रहा था।विजिलेंस की पूछताछ में पता चला कि विनय भूषण त्रिपाठी के पिता को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि उनके नाम पर कोई खाता है और उस खाते में नियमित रूप से पैसे जमा होते हैं। विनय भूषण त्रिपाठी के पास से विजिलेंस ने कई पासबुक जब्त किए हैं।ज्योति पटनायक, जिन्हें विनय भूषण त्रिपाठी के साथ गिरफ्तार किया गया था, ने जब्त किए गए स्क्रैप के मालिक होने का झूठा दावा किया था। इसी तरह मुहम्मद गुलाम स्क्रैप कारोबारी हैं।उक्त स्क्रैप उसने विनय भूषण त्रिपाठी से खरीदा था। गौरतलब है कि विनय भूषण के भुवनेश्वर यूनिट 2 स्थित क्वॉर्टर और उनके पिता के खुर्दा स्थित घर पर शनिवार को विजिलेंस ने छापेमारी की थी।

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