सदन में एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं, किरण रिजिजू ने अल्पसंख्यकों की असुरक्षा पर भी कही बड़ी बात

नईदिल्ली, १२ जून ।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि सरकार या विपक्ष को संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। रिजिजू ने यह बात संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कही। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती प्रल्हाद जोशी और राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और एल. मुरुगन की मौजूदगी में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने के बाद रिजिजू ने कहा कि सरकार ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की तारीखों पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। सत्र की तारीखों पर चर्चा चल रही है। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि पहला सत्र जून के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जा सकता है। लोकसभा में विपक्ष की ताकत बढऩे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हमें संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है। सदन के अंदर हमें अच्छी बहस के लिए बोलने की कला का उपयोग करना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि देश की जनता सर्वोच्च है। लोकसभा चुनाव के नतीजों में जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
हम सभी को साथ लेकर चलने और संसद चलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, जिन्हें सरकार चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें सरकार चलाना चाहिए। जिन्हें विपक्ष का काम सौंपा गया है, उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की गरिमा बनाए रखने में योगदान देने की अपील की। किरण रिजिजू ने मंगलवार को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का भी कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि देश में कोई भी असुरक्षित नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समावेशी दृष्टिकोण के कारण सभी का खयाल रखा जाता है।
उन्होंने भारत में अल्पसंख्यकों के उत्पीडऩ की बात को दुष्प्रचार करार दिया।रिजिजू ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के माध्यम से देश की सेवा करने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।

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