
वॉशिंगटन ०८ जनवरी। न्यू ईयर के दिन लासवेगस में ट्रंप इंटरनेशनल होटल के बाहर टेस्ला साइबरट्रक में हुए ब्लास्ट मामले में अहम जानकारी सामने आई है। इस धमाके की प्लानिंग के लिए पॉपुलर चैटबॉट चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ने चैटजीपीटी से पूछा कि ब्लास्ट करने के लिए कितने एक्सप्लोजिव की जरूरत होती है और इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं। इस मामले की जांच फिलहाल एफबीआई कर रही है। टेस्ला साइबरट्रक में हुए धमाके में संदिग्ध की मौत हो गई थी। उसकी पहचान 37 वर्षीय मैथ्यू लिवेल्सबर्गर के तौर पर हुई थी। वह सेना में काम कर चुका था। एफबीआई ने कहा कि घटना को अंजाम देने में वह अकेले ही शामिल था और यह सुसाइड का केस लगता है। लासवेगस मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग ने मंगलवार को कहा कि साइबरट्रक ब्लास्ट यूएस की धरती पर पहला मामला था, जब विस्फोटक सामग्री बनाने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया गया हो। एआई की आलोचना करने वाले लोगों ने पहले ही इसे खतरनाक बताया है।