
जयपुर, 01 मार्च ।
साइबर ठग अब भारतीय डाक विभाग का सहारा लेकर आम लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। ठग भारतीय डाक के नाम से मोबाइल पर फर्जी संदेश और लिंक भेजकर सीधे-साधे लोगों को ठग रहे हैं। राजस्थान में इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस में साइबर अपराध के महानिदेशक हेमंत प्रियदर्शी ने लोगों के लिए एक सलाह जारी किया है। साथ ही भारतीय डाक की अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करने के लिए कहा है।उन्होंने लोगों से नए तरह के साइबर अपराध से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि मोबाइल में आए अंजान लिंक को क्लिक नहीं करना चाहिए। साइबर ठग भारतीय डाक के नाम से संदेश भेजते हैं, जिसमें लिखते हैं कि आपका पार्सल डिलीवर नहीं हो रहा है, क्योंकि आपका पता गलत है। इसके बाद ठग फर्जी मोबाइल नंबर से एक मेल भेजते हैं, जिसमें लोगों से पता सही करने की बात कहते हैं। साथ ही संदेश में भेजे गए लिंक को क्लिक करने के लिए कहते हैं।क्लिक करते ही संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से रुपये ठग के अज्ञात बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं। कहा कि अंजान लिंक पर क्लिक नहीं करें। अगर क्लिक करते हैं तो भारतीय डाक की फर्जी वेबसाइट खुलती है।वेबसाइट पर ठग व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर और बैंक खातों के बारे में पूछते हैं। बाद में व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में सेंध लगाकर दूसरे खातों में रुपये ट्रांसफर कर लेते हैं।
फर्जी लिंक की सूचना साइबर हेल्प लाइन नंबा 1930 एवं निकटम पुलिस थाने अथवा साइबर पुलिस थाने में दें।राजस्थान पुलिस की एंटी गैंग्सटर टास्क फोर्स ने दो दिन पहले असम एवं अरूणाचल प्रदेश से तस्करी कर फ्लाइट से जयपुर में मोबाइल सिम मंगवाकर उनके माध्यम से साइबर ठगी करने, धमकी देने और सट्टेबाजी करने के गिरोह का पर्दाफाश किया था। दुबई में बैठा जयपुर का निवासी अभिषेक इस गिरोह का सरगना है। पुलिस ने गुरूवार रात ठग की निशानदेही पर एक ठिकाने से 207 मोबाइल सिम कार्ड जब्त किए हैं।



























