
बलरामपुर। जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत कई ग्राम पंचायत में लाखों रुपये लागत से सामुदायिक शौचालय निर्माण कर तो दिया गया है,लेकिन इनकी उपयोगिता आज भी सुनिश्चित नहीं हो सकी है। सामुदायिक शौचालय निर्मित हुए तीन से चार साल बीत गए लेकिन आज भी कई ग्राम पंचायत में निर्मित शौचालयों के दरवाजे पर ताले लटक रहे हैं,तो कई सामुदायिक शौचालय आधा अधूरा निर्माण कर यथा स्थिति छोड़ दिया गया है।कई सामुदायिक शौचालय तो बिना उपयोग के जर्जर होने लगे हैं सामान भी टूट-फूट गए हैं। स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सामुदायिक शौचालय शो पीस के रूप में तब्दील हो गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन का सपना ऐसे में कैसे पूरा होगा। गौरतलब है कि जनपद पंचायत बलरामपुर के कई ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2020-21 में साढ़े तीन-तीन लाख रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय भवन निर्मित हुई लेकिन आज भी निर्मित हुए सामुदायिक शौचालय भवनों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत ओबरी की तो वहां आज भी सामुदायिक शौचालय भवन अधर में ही लटकी हुई है साथ हीं ग्राम पंचायत सुर्रा के साप्ताहिक बाजार मैदान पर बने सामुदायिक शौचालय भवन का तीन वर्ष हो गए लेकिन आज भी दरवाजे पर ताले लटके हैं। ग्राम पंचायत बरदर में भी सामुदायिक शौचालय निर्मित तो कर दिया गया है लेकिन शौचायलयों के अंदर सिर्फ कूड़ा करकट भरा हुआ है। संतोषीनगर ग्राम पंचायत की हम बात करें तो साप्ताहिक बाजार संतोषी नगर में भी सामुदायिक शौचालय निर्मित की गई है लेकिन शौचालय भवन बाजार में आए व्यवसायियों का सामान रखने का काम आ रही। जनपद पंचायत के अंतर्गत अन्य ग्राम पंचायत में भी सामुदायिक शौचालय की स्थिति अत्यंत दयनीय है।इस संबंध में जनपद सीइओ अनिल तिवारी ने कहा कि सामुदायिक शौचालय जहां भी सही स्थिति में नहीं है उसकी जांच कर कर उसकी उपयोगिता सुनिश्चित की जाएगी स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जनपद पंचायत बलरामपुर के विभिन्न ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया है परंतु सामुदायिक शौचालय का उपयोग नहीं होने के कारण वह सिर्फ शो पीस के रूप में तब्दील हो गए हैं। कहीं पर पानी की कमी तो कहीं अन्य कारणों से ऐसा हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत बने विभिन्न ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का ग्राम पंचायत के द्वारा सही रूप से देखरेख नहीं किए जाने से शौचालयों की ऐसी स्थिति हो गई है कि वहां गंदगी इतनी फैल गई है कि कोई शौचालय का उपयोग भी नहीं करना चाहता यदि ग्राम पंचायती उसे साफ सुथरा रखें तो ग्रामीण उसका उपयोग करेंगे। कई जगह सार्वजनिक शौचालय बिना उपयोग के ही जर्जर होना प्रारंभ हो गए हैं कहीं पर शौचालय सीट टूटी गई है तो कहीं पानी सप्लाई नहीं है जहां है भी वहां भी पानी सप्लाई पाइप के टूट जाने से सही रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है।





















