
कोरिया/बैकुंठपुर। कोरिया में पिछले 28 दिनों से हो रही बारिश से झुमका बांध ओवर फ्लो हो गया। जिले में 1 जून से अब तक 781 मिमी बारिश हो चुकी है। इससे मध्यम सिंचाई परियोजना झुमका में जल स्तर काफी बढ़ गया। शनिवार शाम व रविवार दोपहर बैकुंठपुर में भारी बारिश हुई। रविवार दोपहर करीब डेढ़ घंटे की बारिश से झुमका के वेस्ट वियर से पानी तेज बहाव के साथ गिरने लगा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार बांध में 23.370 मिलियन घन मीटर जलभराव हो गया है। पानी बढऩे से नहर के दोनों गेट को खोल दिया गया है जिससे झुमका की नहरें भी पानी से लबालब भरी नजर आ रहीं हैं। जिले में दोपहर 12 से डेढ़ बजे के बीच काले घने बादलों के साथ भारी बारिश हुई। करीब 50 मिमी बारिश से बांध में पानी एकाएक बढ़ गया। बांध में पानी के तेज बहाव से बांध से 500 मीटर दूर स्थित आदिशक्ति मां रमदईया देवी धाम मंदिर परिसर में 2 फीट पानी भर गया है। इससे मंदिर परिसर में हनुमान मंदिर, शनि मंदिर तक पानी जमा हो गया। मंदिर की सीढ़ी पानी में डूब गई। तेज पानी बहाव के बीच में मां काली की प्रतिमा भी चारों तरफ से घिर गई है। आगे बारिश से मंदिर परिसर में पानी का जलभराव और अधिक बढऩे की संभावना जताई जा रही है। पानी मुख्य मंदिर के अंदर तक पहुंच गया है। झुमका बांध के ओवर फ्लो होते ही वेस्ट वियर के पास स्थानीय लोग व मछुआरों की भीड़ जमा हो गई। लोग लापरवाही बरतते हुए खतरे के बीच मछली पकड़ते नजर आए। पानी के तेज बहाव के बीच कई मछुआरे पानी में उतरकर जाल फैलाए हुए थे। वहीं पानी भराव के बीच कुछ ग्रामीण एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच रहे थे। ऐसा ही नजारा वेस्ट वियर के पास भी देखा गया। सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चे व कुछ युवा खतरे को नजर अंदाज करते हुए वेस्ट वियर के ऊपर चढ़ गए। मां रमदईया मंदिर समिति के अध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि मंदिर में ऐसा 11 साल में चौथी बार देखने को मिला, जब मंदिर परिसर में झुमका का जलभराव हो गया है। देखने से ऐसा लगता है मानो झुमका का पानी मां आदिशक्ति के पांव पखारने के लिए मंदिर परिसर में आ गया है। हालांकि मंदिर में पानी भरने के बाद यहां श्रद्धालुओं को सुरक्षा की दृष्टि से बाहर से ही दर्शन करने के लिए कहा जा रहा है। नगर पालिका क्षेत्र के चेर स्टेट हाइवे झुमका पुलिया के पास पानी का तेज बहाव है। मुक्तिधाम का कुछ हिस्सा भी जलभराव से घिर गया है। भारी बारिश से लोगों को पानी के बीच जाने से मना किया जा रहा है।














