जांजगीर चांपा । छतीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ से संबद्ध सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके चलते ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है। ग्रामीण स्तर के मरीज अस्पताल जरूर पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें अस्पतालों में कोई कर्मचारी नहीं मिल रहा।
इसके चलते मरीजों को भटकना पड़ रहा है।
छतीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ अपनी लबित मांगों को लेकर 21 जून से हड़ताल पर हैं। उनकी मांगों में कार्य आधारित वेतन का शीघ्र भुगतान, गृह जिले में स्थानांतरण एवं 8 किलोमीटर के भीतर मुख्यालय निवास की छूट एवं भ्रामक जानकारी देकर बर्खास्त किए गए पवन कुमार वर्मा कांकेर की सेवा में बहाली को लेकर हड़ताल पर हैं। विभाग के प्रदेश के सभी जिला स्तर पर 21 जून से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन जांजगीर जिला के शासकीय कर्मचारी भवन केरा रोड जांजगीर में किया जा रहा है। आज प्रथम दिवस आंदोलन का नैतिक समर्थन देते हुए छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह क्षत्री, प्रदेश स्वास्थ्य कर्म संघ के जिला अध्यक्ष मदन लाल साहू, जिला सचिव संजय सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक बुधेश्वर लहरे ने संबोधित करते हुए सभी जायज मांगों को शीघ्र पूरा करने शासन से अपील किया गया। आंदोलन में जिले के सभी विकास
खंड के सीएचओ उपस्थित रहे। आगे भी प्रभावित होगी स्वास्थ्य सुविधा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होगी। ग्रामीण अंचल के मरीजों को शहर की ओर रुख करना पड़ेगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने खेद प्रकट करते हुए कहा है कि हमारी जायज मांगों को लेकर हम हड़ताल कर रहे हैं। सरकार हमारी मांगें मान लेगी तो हम तत्काल वापस काम पर लौट जाएंगे।