
अंबाला शहर। हाथ सुन, पैर सुन और बिना फ्रिज के बर्फ जमने जैसी स्थिति। जिले में रविवार की रात और सोमवार को दिन के समय ऐसी ही स्थिति रही।हालात यह थे कि जिले में न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 3.6 डिग्री पहुंच गया यानी महज तीन डिग्री तापमान गिरते ही अब पानी खुद जमना शुरू हो जाएगा और बर्फ बन जाएगा। सोमवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा रहा और पिछले दो साल का रिकार्ड ठंड ने तोड़ दिया। रविवार को अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री था जबकि सोमवार को यह करीब चार डिग्री लुढ़क गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान शनिवार रात को 4.4 डिग्री दर्ज किया गया था जबकि रविवार की रात यह 3.6 डिग्री दर्ज किया गया।इस तरह दिन और रात के तापमान में बहुत कम अंतर होने के कारण व दिन का तापमान चार डिग्री से ज्यादा गिरने के कारण सोमवार सीजन का सबसे ठंड दिन दर्ज किया गया। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 9.3 तो न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री दर्ज किया गया।रविवार के बाद सोमवार को भी जिले में धूप निकली। दोपहर करीब ढाई बजे सूर्यदेव ने दर्शन दिए लेकिन इसका कोई असर ठंड पर नहीं पड़ा और शाम चार बजते-बजते सूर्यदेव फिर से औझल हो गए। इस तरह से धूप निकलने के बाद बावजूद उसका किसी पर कोई असर नहीं पड़ा।वहीं रात आठ बजे ही जिले में धुंध अंधाधुंध पड़ गई थी और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दृश्यता का पैमान रात आठ बजे ही महज 10-15 मीटर का था। चंडीगढ़ मौसम विभाग की बातों पर यकीन करें तो 19 से राहत मंगलवार को भी जिले में कोल्ड वेव यानी शीतलहर जारी रहेगी। इसी तरह मंगलवार कोल्ड डे भी मौसम विभाग ने घोषित कर दिया है। 17-18 जनवरी को रात व सुबह घनी धुंध पडऩे के व दोपहर के समय मौसम साफ रहने का अनुमान भी जताया गया है।इसके बाद मौसम विभाग ने तापमान में वृद्धि का पूर्वानुमान भी लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जनवरी से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।मैदानी इलाकों में अगर किसी स्थान पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे या फिर यह सामान्य तापमान से 4.5 डिग्री से लेकर 6.4 डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम हो तो ये स्थिति शीत लहर कहलाती है।इसके अलावा अगर न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम दर्ज हो तब भी कोल्ड वेव मानी जाती है। अगर मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान गिरकर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाए या फिर न्यूनतम तापमान में सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गिरावट दिखे तो उसे सिवियर कोल्ड वेव यानी गंभीर शीतलहर कहा जाता है।इसी तरह अगर किसी इलाके में लगातार दो दिनों तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो और उस दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4.5 से लेकर 6.4 डिग्री तक कम हो तो उसे कोल्ड-डे व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो और अधिकतम तापमान में 6.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गिरावट दर्ज हो तो उसे सिवियर कोल्ड डे यानी गंभीर ठंड वाला दिन कहा जाता है।दो साल में जनवरी में जिले में सोमवार सबसे ठंडा दिन जिले की बात करें तो दो साल में जनवरी महीने में सोमवार सबसे ठंडा दिन रहा। जिले में 2022 में जनवरी में छह जनवरी को 4.8 डिग्री और 2023 में एक जनवरी को 4.9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था यानी इस बार पिछले दो साल का रिकार्ड टूट गया। हालांकि वर्ष 2008 में 24 जनवरी को तापमान – 1.3 डिग्री दर्ज किया गया था जोकि अंबाला के इतिहास का सबसे ठंडा दिन था।बच्चों और बूढ़ों को खतरा, हृदय रोगी भी रहें सावधान उधर स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चों और बढ़ों को विशेष सावधानी बरतने की बात कही है। इसी तरह हृदय रोगियों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शुभज्योति ने बताया कि अस्पताल में खांसी-जुकाम और बुखार के केस ज्यादा आ रहे हैं। ज्यादातर केस ठंड से संबंधित ही हैं। इसी तरह यही हाल फिजिशियन ओपीडी के भी हैं।अब ठंड का असर फसलों पर भी दिखना शुरू हो गया है। ठंड के चलते आलू, बैंगन और टमाटर के पौधे अब जलने शुरू हो गए हैं। इसी तरह से तुलसी के पौधे भी ठंड में सूखने लगे हैं।हालांकि गेहूं और चने की फसल के अलावा सरसों व हरे-चारे में बरसीम को इस ठंड से फायदा भी मिल रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने फसलों को ठंड से बचाने के लिए फसलों की फव्वारा विधि से सिंचाई करने का सुझाव भी दिया है।























