
गाजापट्टी, 0२ नवंबर । गाजा हमास युद्ध का आज 27वां दिन है। इस युद्ध की वजह से गाजा में अब तक 8,525 लोगों की मौत हुई है। मौत के इन आंकड़ों में तकरीबन तीन हजार से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। गाजा में मौजूद हमास के आतंकियों ने कई इजरायली नागरिकों के बंधन बना रखा है।इसी बीच सैकड़ों डबल पासपोर्ट धारकों और दर्जनों गंभीर रूप से घायल फलस्तीनियों को गाजा छोडऩे की इजाजत दी गई है। दर्जनों विदेशी पासपोर्ट धारक बुधवार को राफा क्रॉसिंग के जरिये गाजा से मिस्र में प्रवेश करते नजर आए। फलस्तीनी सीमा अधिकारियों के मुताबिक, 400 से ज्यादा विदेशी पासपोर्ट धारकों को बुधवार को गाजा छोडऩे की इजाजत दी जाएगी। युद्ध के बीच गाजा से बाहर निकलने वाले यह पहला ग्रुप है। गाजा में इजरायली सैनिकों द्वारा किए जा रहे लगातार बमबारी की वजह से हजारों फलस्तीनी नागरिक बेघर हो चुके हैं। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि भविष्य में और कितने लोगों को गाजा से बाहर निकलने के अनुमति दी जाएगी। इजरायली सेना ने दावा किया कि सात अक्टूबर को लगभग 3,000 आतंकवादियों ने गाजा सीमा से जानलेवा हिंसा को अंजाम देने के लिए दक्षिणी इजरायल पर हमला किया। इम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इससे पहले इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने अनुमान लगाया था कि लगभग 2,500 आतंकवादी दक्षिणी इजरायल पर हमला बोला था। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीनतम आकलन के अनुसार, आंकड़ों में केवल सशस्त्र आतंकी शामिल हैं। इसमें गाजा के आम नागरिकों को नहीं जोड़ा गया है, जिन्होंने बाड़ में भारी अंतराल का फायदा उठाकर इजरायल में अंदर घुस गए थे।नेसेट की श्रम और कल्याण समिति को प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सात अक्टूबर के हमास आतंकवादी हमले में 59 परिवारों के 116 बच्चे अनाथ हो गए हैं। इजरायल ने अपनी स्थापना के बाद से ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था। दक्षिणी इजरायली समुदायों पर हमास के अचानक हमले में कम से कम 1,400 लोग मारे गए हैं। 800 से अधिक शवों की पहचान की जा चुकी है। गाजा में बंधक बनाए गए पुष्ट बंधकों की संख्या 240 है। अन्य व्यक्तियों का अभी भी पता नहीं चल पाया है। कल्याण मंत्रालय में अनाथ मुद्दे के प्रभारी रेकफेट एट्जमोन ने समिति को बताया कि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 12 अलग-अलग परिवारों के 18 वर्ष से कम उम्र के 20 बच्चों के माता-पिता दोनों को मार दिया गया है।

























