
भोपाल, २९ जुलाई [एजेंसी]। जिला पंचायतों में स्कूलों के भवन जर्जर हो गए हैं,हालात ये हैं कि उनमें शौचालयों की स्थिति तक ठीक नहीं हैं। इसके अलावा स्कूलों की खाली जमीनों पर लगातार कब्जे होते जा रहे हैं। स्कूलों के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। इससे कन्या विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और महिला शिक्षक को पदस्थ किया जाए।यह मुद्दे जिला पंचायत सदस्यों ने शुक्रवार को सभागार में हुई शिक्षा समिति की बैठक में उठाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी और डीपीसी डा.आरके यादव को स्कूलों में पसरी अव्यवस्थाओं से अवगत कराया है। इस पर उन्होंने स्कूलों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान शहर एवं ग्रामीण के चारों डीपीसी सहित जिला पंचायत सदस्य और अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। समय पर नहीं पहुंचते शिक्षक, छात्रों को दे रहे धमकी जानकारी के अनुसार शिक्षा समिति की बैठक सभापति एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट की अध्यक्षता में शुरू हुई। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने एजेंडा रखा। सभापति ने बताया कि वह माध्यमिक शाला सूखा निपानिया के स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां पर छात्रों ने बताया कि तीन शिक्षक विशाल सक्सेना, संतोष अहिरवार, भूपेंद्र शर्मा समय पर नहीं आते हैं। वह बोलने में गलत भाषा का उपयोग करते हैं और खेल सामग्री मांगने पर टीसी देने की धमकी देते हैं। इस संबंध में सरपंच तक से शिकायत की जा चुकी है। सभापति ने छात्राओं द्वारा बताई शिक्षकों की हरकतों का वीडियो भी बैठक में रखा। सीसीटीवी लगाए जाना चाहिए सदस्यों ने बताया कि स्कूलों के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं।इससे स्कूल भवन परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाना चाहिए। सदस्य चंद्रेश राजपूत ने बताया कि बच्चों से शिक्षक झाड़ू लगवाते हैं, अच्छा भोजन नहीं मिलता हैं। सदस्य विनय मेहर ने कहा कि बैरसिया क्षेत्र के कन्या विद्यालयों में महिला शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए जिससे वह छात्राओं की समस्याओं को सुना जा सके और उनको बिना किसी परेशानी के पढ़ाया जा सके। बजट खर्च होने के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात सदस्य विक्रम भालेश्वर ने बताया कि शासकीय स्कूलों के भवन निर्माण और शौचालय पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं।इसके बाद भी स्थिति सही नहीं हैं, छात्राएं बाहर जाती हैं। जर्जर स्कूल भवन और शौचालयों को ठीक कराया जाना चाहिए। सदस्य प्रतिनिधि विनोद राजोरिया, अनिल हाड़ा और मिश्रीलाल मालवीय ने बताया कि शासकीय स्कूलों की जमीन पर दबंगों के द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। मवेशी बांधने के साथ ही दुकानें संचालित की जा रही हैं। इनका कहना है जिला शिक्षा समिति की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने स्कूल भवन जर्जर होने, शौचालय खराब होने, अतिक्रमण सहित अन्य अव्यवस्थाएं बताई हैं। इन सभी को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा और लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं सदस्य विनय मेहर की मांग पर बैरसिया कन्या विद्यालय में महिला प्राचार्य पदस्थ की गई हैं।






























