स्वाइन फ्लू मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में बनाया अलग वार्ड

कोरबा। मलेरिया व डेंगू के पैर पसारने के बाद प्रदेश के कई जिलों में स्वाइन फ्लू का संक्रमण बढ़ रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से 6 लोगों की मौत भी हो चुकी है। कोरबा में भी पखवाड़े भर के भीतर 5 लोग स्वाइन फ्लू संक्रमित मिले। वहीं कोरबा के ही 5 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि रायपुर में इलाज के दौरान जांच में हुई। इस तरह अब तक जिले के 10 लोग संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि उनमें से 7 केस में मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। एक्टिव केस 3 है और उनमें से 2 का इलाज कोरबा के निजी अस्पताल में व 1 मरीज का एम्स रायपुर में चल रहा है। लगातार बढ़ते केस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व मेडिकल कॉलेज प्रबंधन अलर्ट मोड पर आ गया है। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू मरीजों के उपचार के लिए 20 बिस्तर का स्वाइन फ्लू वार्ड तैयार कर लिया है। इसके लिए छाती एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. शशिकांत भास्कर को नोडल अधिकारी बनाते हुए डॉक्टर व स्टाफ की तैनाती कर दी है। हालांकि अभी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक भी स्वाइन फ्लू के केस नहीं पहुंचे हैं। सीएमएचओ डॉ. एसएन केशरी के मुताबिक जिले में अभी स्थिति सामान्य है। स्वाइन फ्लू के रोकथाम व संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए तैयारी कर ली गई है। आमजन को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक होकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण, सुविधा बढ़ाई
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड को स्वाइन फ्लू वार्ड के रूप में तैयार किया गया है। जहां आईसीयू बेड के साथ ही वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। शनिवार को मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर, असिस्टेंट मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविकांत जाटवर व वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. शशिकांत भास्कर ने स्वाइन फ्लू वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड के सामने शेड व पीने के पानी के लिए वाटर कूलर समेत अन्य सुविधा बढ़ाई गई।
जांच होगा आसान, सिम्स से मिली टेस्ट किट
स्वाइन फ्लू जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच किट का एक्सपायरी डेथ निकलने के कारण जांच नहीं हो पा रहा था। जांच के लिए टेस्ट किट की डिमांड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने की थी। स्वाइन फ्लू के बढ़ते संक्रमण के लिए टेस्ट किट को अतिआवश्यक बताया था। शनिवार को सिम्स से टेस्ट किट मिल गई। अब जिले में भी टेस्ट हो सकेगा। अब तक शहर के एक निजी लैब में ही स्वाइन फ्लू के जांच की सुविधा उपलब्ध थी।
इन्हें है सतर्क रहने की ज्यादा जरूरत
स्वाइन फ्लू वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. शशिकांत भास्कर के मुताबिक बीपी, शुगर, कैंसर पीडि़त और बुजुर्गो समेत बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले, लंबे समय से बीमारी से पीडि़त व सर्जिकल मरीजों को स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। इसलिए सतर्क रहने की ज्यादा जरूरत है। स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने या सर्दी-बुखार और खांसी लंबे समय से है तो तत्काल टेस्ट कराएं।
यह है बचाव के उपाय, बरतें सावधानी
डॉक्टरों के मुताबिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें। खांसते-छींकते समय रूमाल रखें। साबून से हाथ धोएं, भरपूर पानी पीते रहें और ताजे भोजन करें। आंख, नाक और मुंह को हाथों से ना छुएं, भीड़भाड़ वाले स्थान से दूर रहने की कोशिश करें, लोगों से हाथ ना मिलाएं, स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण या सर्दी-खांसी होने पर खुद ही डॉक्टर बनकर बिना परामर्श के दवाई ना लेवें।

RO No. 13467/11