
चंडीगढ़, 21 फरवरी । पंजाब किसान मजदूर समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने बुधवार को केंद्र सरकार से उनके मुद्दों पर चर्चा करने या फिर किसानों को शांतिपूर्वक दिल्ली कूच करने का अनुरोध किया। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने शंभू बॉर्डर पर प्रेस कर्मियों से वार्ता करते हुए कहा कि हम कह रहे हैं कि यह प्रधानमंत्री की भी जिम्मेदारी है कि वह हमारी सुनें। हमने भी उन्हें देश का पीएम बनाने के लिए वोट दिया है। यह देश सबका है, पीएम सबके हैं। उन्हें आगे आकर स्थिति को संभालना चाहिए और हमारी मांगों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने पूरी कोशिश की, बैठकों में भाग लिया और हर मुद्दे पर बात की। अब फैसला केंद्र को लेना है। प्रधानमंत्री को आगे आना चाहिए और हमारी मांगों को स्वीकार करना चाहिए। डेढ़ या दो लाख करोड़ रुपये कोई बहुत बड़ी रकम नहीं है। लगभग 60 फीसदी किसान इस रकम पर निर्भर करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे इस गतिरोध को खत्म करें और किसानों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी, संविधान की रक्षा करना आपकी जिम्मेदारी है, आप संविधान की रक्षा करते हैं, कृपया इस गेट को खोलें और हमें शांतिपूर्वक विरोध करने की अनुमति दें। पंढेर ने कहा कि हमने आगे प्रधानमंत्री से एमएसपी गारंटी कानून पर निर्णय लेने और स्थिति को शांत करने का आग्रह किया। हम केंद्र सरकार से हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि आप हमारे साथ आएं, बैठें और हमारे मुद्दों को हल करें। हमारी सभी मांगों पर एक-एक करके चर्चा की गई है और अब निर्णय लेने का समय है। किसान नेता ने अर्धसैनिक बलों का उपयोग करके विरोध को संभालने के केंद्र के तरीके की आलोचना की। पंढेर ने कहा कि जैसा कि हम देख रहे हैं, हम अपनी तरफ से शांतिपूर्ण रहेंगे, लेकिन अर्धसैनिक बलों के माध्यम से किसानों और मजदूरों के खून से होली मनेगी। दूसरी ओर सैनिक हैं और इस तरफ किसान हैं, वे भी परिवार हैं। इसलिए हम नहीं चाहते कि ऐसा कुछ हो जिससे देश को दुखद तस्वीरें दिखाई जाएं। इसलिए हम अपनी तरफ से कोई हमला नहीं करेंगे।

























