हम लोगों के मन की बात सुनना चाहते हैं, देश को नया विजन देने के ऐलान के साथ राहुल ने शुरू की भारत जोड़ो न्याय यात्रा

इंफाल, १५ जनवरी । मणिपुर के थौबल से भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि इसकी जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि देश बड़े पैमाने पर अन्याय के दौर से गुजर रहा है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि यात्रा से समानता, भाईचारे और सद्भाव पर आधारित भारत का ²ष्टिकोण सामने आएगा। यात्रा के दौरान बातचीत से यह दृष्टिकोण उभरेगा। इसमें नफरत, हिंसा और एकाधिकार के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस लोगों के मन की बात सुनना चाहती है और उनके दर्द को समझना चाहती है। राहुल गांधी ने अब तक मणिपुर हिंसा से पीडि़त लोगों के आंसू पोंछने के लिए नहीं आने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला करते हुए इस सूबे के साथ ही देश में शांति, सद्भावना और न्याय का दौर लौटाने का वादा किया। कहा कि मणिपुर आरएसएस और भाजपा की अन्याय तथा नफरत की राजनीति का प्रतीक बन गया है। इसीलिए पूरब से पश्चिम भारत की अपनी यात्रा का यहां से आगाज किया है।लोकसभा चुनाव से पूर्व शुरू हुई न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने देश की जनता के सामने बराबरी और भाईचारे के साथ विकास का नया विजन पेश करने का भी एलान किया। मणिपुर की राजधानी इंफाल से करीब 40 किलोमीटर दूर थौबल में खोंगजोम युद्ध स्मारक के निकट भारत जोड़ो न्याय यात्रा की बस रवाना होने से पूर्व एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखे हमले किए।दिल्ली में कोहरे के चलते करीब तीन घंटे विलंब से कांग्रेस नेताओं के साथ यहां पहुंचे राहुल ने सबसे पहले युद्ध स्मारक पर जाकर अंग्रेजों से लोहा लेने वाले मणिपुर के बलिदानी सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम भारत में बड़े अन्याय के दौर से गुजर रहे हैं।इसका असर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। मणिपुर इस अन्याय का सबसे ज्वलंत उदाहरण है। भाजपा-आरएसएस के लिए मणिपुर तो भारत का जैसे हिस्सा ही नहीं रह गया। राहुल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा, एक तरफ आर्थिक एकाधिकार कायम हो रहा है और चंद लोगों को देश की सारी संपत्ति तक पहुंच मिल रही है। छोटे और मध्यम व्यवसाय को ध्वस्त किया जा रहा है। भयंकर बेरोजगारी है और महंगाई का उफान चरम पर है। देश की शासन व्यवस्था में दलितों, वंचितों, पिछड़ी जातियों और आदिवासियों की कोई भूमिका नहीं है। राहुल ने कहा कि नफरत मिटाने के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर तक की 4,000 किमी की भारत जोड़ो यात्रा का सकारात्मक प्रभाव हुआ। इसीलिए मणिपुर से मुंबई की न्याय यात्रा में जनता के मन की बात सुनकर कांग्रेस देश को अन्याय के दौर से बाहर निकालने का एक नया नजरिया पेश करेगी। किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों, महिलाओं, युवाओं की बातें सुनना इस यात्रा का लक्ष्य है। हम जो विजन रखेंगे उसमें हिंसा, नफरत, एकाधिकार के लिए कोई जगह नहीं होगी। कांग्रेस सद्भावना, समानता और भाईचारे पर आधारित देश निर्माण का विजन जनता के सामने रखने जा रही है। मणिपुर के हिंसक उथल-पुथल के दौर के बावजूद खोंगजोम में जुटी हजारों की भीड़ तिरंगा लिए घंटों डटी रही। जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी को राष्ट्रध्वज सौंपकर न्याय यात्रा का आगाज किया तो भारत माता के जयघोष से सभास्थल गूंज उठा। इसके बाद खरगे ने यात्रा के लिए तैयार विशेष बस का पर्दा हटाया और जनसभा के उपरांत हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। खोंगजोम स्मारक से इंफाल तक की यात्रा के दौरान शाम होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग राहुल की अगवानी करने के लिए सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। इनमें महिलाओं की तादाद ज्यादा थी।

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