
लखनऊ, २४ नवंबर । स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) हलाल सर्टिफिकेशन देने वाली संस्थाओं तथा हलाल प्रमाणित कंपनियों के संचालकों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब करेगी। नोटिस दिए जाने की प्रकिया शुरू कर दी गई है। संस्था संचालकों व कंपनी संचालकों की कमाई का पूरा ब्यौरा खंगाला जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि कमाई का निवेश कहां-कहां किया गया। एसटीएफ कंपनियों व उनके संचालकों के बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।शासन के निर्देश पर एसटीएफ ने विभिन्न प्रकार के उत्पादों को हलाल प्रमाणित करने वाली कंपनियों के विरुद्ध जांच शुरू की है। मामले में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल आफ इंडिया मुंबई और जमीयत उलेमा मुंबई और अन्य अज्ञात कंपनियों के संचालकों व प्रबंधकों को आरोपित बनाया गया है। आरोप है कि प्रदेश में अवैध रूप से हलाल प्रमाणित उत्पादों की बिक्री की जा रही है और उससे होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा देशी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने में खर्च हो रहा है। एसटीएफ ने एफआईआर में लगाए गए आरोपों के आधार पर अपनी जांच शुरू की है, जिसका दायरा बढ़ भी सकता है। दूसरे राज्यों से यूपी में अपने उत्पाद सप्लाई करने वाली कंपनियां भी जांच के घेरे में होंगी।यह भी देखा जाएगा कि कंपनियों ने किसी विभाग से कोई प्रमाणपत्र लिया था अथवा नहीं। संस्थाएं किस आधार पर उत्पादों को हलाल प्रमाणित कर रही थीं और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। इसके बदले किन-किन उत्पादों के लिए कितना-कितना धन वसूला जा रहा था और उसका उपयोग कहां हो रहा था। एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह व उनकी टीम ने जांच शुरू की है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदेश में हलाल प्रमाणित उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था।





















