हसदेव की लेटलतीफी यात्री हो रहे हलाकान

कोरबा। रेल प्रशासन ने मनमानी की सारी हदें पार कर रहा है। रायपुर से कोरबा के बीच 201 किलोमीटर की दूरी तय करने हसदेव एक्सप्रेस को पौने पांच घंटे लग गए। यह ट्रेन देर रात ढाई बजे कोरबा पहुंची और यात्रियों को अपने ही शहर में स्टेशन से घर जाने बेसहारा भटकने मजबूर कर दिया। खासकर बच्चों को लेकर सफर कर रही महिलाओं को सांस ज्यादा परेशानी हुई।
रेल प्रबंधन की अनदेखी से ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी में भी लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों की चाल बिगड़ी हुई है। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रविवार के दिन हसदेव एक्सप्रेस में भीड़ और भी बढ़ जाती है। सुबह जाकर रायपुर में काम निपटा शाम को पुन: इसी ट्रेन से वापस लौट जाते है। इसलिए दोनों की टिकट पहले से ही आरक्षित करा ली जाती है, पर ट्रेन के विलंब से चलने से न केवल यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि कई बार टिकट का पैसा भी बर्बाद हो जाता है।वहीं महिलाओं को काफी दिक्कत उठनी पड़ती है।

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