
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के तीन गांव के पांच स्कूलों को शुक्रवार को हाथियों के कारण बंद करना पड़ा। हाथी, नजदीक के ही जंगल में थे। एक स्कूल के बगल में ही हाथियों ने गुरुवार की रात एक घर को तोड़ दिया था। हाथियों के कारण भय की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को बंद करना पड़ा। सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया। जंगली हाथी अभी भी इसी क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार तीन जंगली हाथी पिछले 10 दिनों से वाड्रफनगर के ककनेशा गांव के आसपास विचरण कर रहे है। दिन के समय जंगल में रहने वाले हाथी शाम ढलते ही आबादी क्षेत्रो के नजदीक पहुंच जाते हैं। जंगली हाथियों द्वारा घरों को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही रबी की फसल को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। खासकर गेंहूं और सब्जी वर्गीय फसलों को हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गुरुवार की रात हाथियों ने ककनेशा गांव में दो मकानों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसमें से एक मकान स्कूल के नजदीक ही था। आसपास खेतों में खड़ी फसल को भी हाथियों ने खाकर और पैरों से कुचल कर नष्ट कर दिया। सुबह हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त मकानों को देखकर लोग भयभीत हो गए। ककनेशा गांव के नजदीक ही धनजारा और बेदरीपारा भी है। इन तीनों गांवो से लगे जंगल में हाथियों का दल जमा हुआ था। सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल शिक्षा विभाग की टीम ने ग्राम ककनेशा के पूर्व माध्यमिक शाला तथा प्राथमिक पाठशाला , ग्राम धनजारा के पूर्व प्राथमिक पाठशाला व पूर्व माध्यमिक शाला व बेदरीपारा प्राथमिक पाठशाला को बंद कर दिया गया। वाड्रफनगर के ककनेशा गांव में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। हाथियो के स्वच्छंद विचरण को देखते हुए हाथियों से बचने के लिए रिहायशी इलाके में मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट रहने को कहा जा रहा है। जंगल नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित जायसवाल ने बताया कि गुरुवार की रात हाथियों ने ककनेशा में स्कूल के नजदीक एक घर को तोड़ दिया था। एक दिन पहले भी हाथी इसी क्षेत्र में थे।उस दिन आंगनवाड़ी में स्कूल का संचालन कराया गया था।




















