
उदयपुर। नगर पंचायत लखनपुर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण के बाद 11 हाथियों का दल फिर उदयपुर वन परिक्षेत्र में वापस लौट आया है। मंगलवार को हाथियों का दल ग्राम परोगिया में कोयला खदान के नजदीक पहुंच गया था। सोमवार की रात आबादी क्षेत्र के नजदीक से होकर हाथियों का दल गुजरा। जंगली हाथियों के भय से बच्चों,महिलाओं को साथ लेकर लोगों ने जाग कर रात बिताई। जंगली हाथियों की निगरानी में वन कर्मचारियों को लगाया गया है ताकि जनहानि की घटना न हो। विगत सात सितंबर से ग्यारह हाथियों का दल उदयपुर वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। इस बीच जंगली हाथियों ने नगर पंचायत लखनपुर क्षेत्र में भी प्रवेश किया था। अभी तक हाथियों द्वारा कई किसानों की धान व मक्का की फसल को बर्बाद किया जा चुका है। महुआटिकरा के जंगल में एक व्यक्ति को जंगली हाथियों ने कुचल कर मार डाला था। हाथी सोमवार को पतरापारा से जंगल किनारे होते हुए पूटा, बेलढाब शरमा गांव पहुंच गए। हाथियों का मूवमेंट जिधर होता है उधर के ग्राम के लोगों को वन अमला द्वारा गजराज वाहन के माध्यम से मुनादी करा हाथियों से बचने की सलाह दी जाती है ।जंगल किनारे रहने वाले ग्रामीणों को पक्के मकान या गांव के बीच सुरक्षित स्थान में एक जगह पर आग जलाकर रहने की समझाइश दी जा रही है । प्रभावित ग्राम के लोग छोटे बच्चे, बुजुर्गों, महिलाओं को लेकर अलाव के सहारे घर से बाहर रात बिताने को मजबूर हैं। लोगों के पास साधन नही होने पर कई बार वनकर्मचारियों ने अपने वाहन से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। कुछ लोग फोटो वीडियो के चक्कर में हाथियों के काफी नजदीक पहुंच जाते है। ग्यारह हाथियों का दल अभी बासेन से परोगिया जंगल में खदान क्षेत्र के बिलकुल नजदीक पहुंच गया है। प्रशिक्षु डीएफओ सह प्रभारी रेंजर अक्षय भोसले, रेंजर गजेंद्र दोहरे, वनपाल, चंद्रभान, परमेश्वर, शशिकांत सिंह, वनरक्षक दिनेश तिवारी नंदलाल, ऋषि रवि, प्रवीण शर्मा, धनेश्वर, बसंत भरत सहित अन्य स्टाफ दो पालियों में 24 घंटे इन हाथियों की निगरानी में लगे हुए है।
















