हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा हम हमेशा इसका सम्मान करें- डॉ. संजय गुप्ता

कोरबा। इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना से हुआ। विद्यालय के कक्षा एलकेजी एवं यूकेजी के छात्र- छात्राओं के द्वारा हिन्दी में अपना परिचय देकर एवं विभिन्न् कर्णप्रिय हिन्दी कविताओं के माध्यम से राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।एलकेजी एवं यूकेजी के छात्र- छात्राओं के द्वारा सुंदर हस्तलेखन में हिन्दी के पाठों को लिखा गया।कक्षा में हिन्दी सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विजया प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।इन नन्हें मुन्हें बच्चों के मन में *हिन्दी के प्रति सम्मान जागृत करने हेतु श्रीमती रुमकी हालदार ,श्रीमती स्वाति सिंह,श्रीमती मधुचंदा पात्रा,श्रीमती मौसमी मैडम* का भरपूर सहयोग रहा।विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अभिनय शैली में विभिन्न कविताओं का पाठ किया गया।
विद्यालय के शैक्षणिक प्रभारी श्री सब्यसाची सरकार सर ने कहा कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जो सभी धर्मों के लोगों को आपस में जोड़े रखने का काम करती है, यह सिर्फ एक भाषा का काम ही नहीं करती बल्कि यह एक देश की संस्कृति, वेशभूषा और रहन-सहन तथा पहचान आदि है। गूगल और विकिपीडिया जैसी बड़ी वेबसाइट हिंदी को हर व्यक्ति तक पहुँचाने में अपनी हर संभव कोशिश कर रही है। इन्होंने हिंदी भाषा के महत्व को समझते हुए इंटरनेट पर ट्रांसलेटर, सर्च, सोफ्टवेयर आदि को विकसित किया जिससे लोगों के लिए हिंदी को जानना और भी आसान हो गया।प्राइमरी एवं प्री प्राइमरी की शैक्षणिक प्रभारी श्रीमती सोमा सरकार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि* पुरे विश्व में भारतीय संस्कृति का प्रचार करने का श्रेय एक मात्र हिंदी भाषा को जाता है। भाषा की जननी और साहित्य की गरिमा हिंदी भाषा जन-आंदोलनों की भी भाषा रही है।विद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष हेमलाल श्रीवास* ने कहा कि राष्ट्र के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभाषा एवं राष्ट्रभाषा पर गर्व होना चाहिए।हम चाहे विश्व के किसी भी कोने में रहें अपनी भाषा के प्रति हमेशा सममान का भाव हृदय में होना चाहिए।हिन्दी शिक्षिका श्रीमती सोमा चौधरी* ने कहा कि हिन्दी भारत माता के माथे की बिंदी है।हिन्दी हमारी पहचान और हमारा अस्तित्व और व्यक्तित्व है।हमें अन्य को भी हिन्दी बोलने और व्यवहार में लाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।हिन्दी स्वयं में पूर्ण भाषा है।हिन्दी का शब्दकोश विशाल है।यह हमारी सभ्यता और संस्कृति की परिचायक है।हमें गर्व है कि हमारी राजभाषा हिन्दी है।
हिन्दी शिक्षिका श्रीमती सुनीता श्रीवास ने कहा कि आज हमारे देश के अतिरिक्त अन्य देशों में भी हिन्दी बड़े सम्मान से बोला और पढ़ा जाता है। दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा* राष्ट्रभाषा हिन्दी को सम्मानित करने हेतु विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया *जिसमें प्रमुख रूप से श्लोगन रायटिंग, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता एवं हिन्दी काव्य प्रस्तुति प्रमुख थे । विद्यार्थियों ने बढ़-चढक़र प्रत्येक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया एवं हिन्दी भाषा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया*। एक प्रतियोगिता विशेष थी जिसमें विद्यार्थियों को स्वयं के बारे में पूर्णत: हिन्दी शब्दों को सम्मिलित कर स्वयं का परिचय देने हेतु प्रोत्साहित किया जाता था । इस प्रतियोगिता का भी बच्चों भरपुर लुत्फ़ उठाया । विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि* हमारी राष्ट्र भाषा के साथ ही हमारी संस्कृति के महत्व पर जोर देने के लिए हिन्दी दिवस एक महान कदम है। हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा है औैर हम हमेषा इसका सम्मान करें और राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है।हिंदी भाषा विश्व के प्राचीन और सरल भाषा में से एक है, हिंदी भाषा भारत की मूल भाषा है। हिंदी भाषा हमारी संस्कृति और संस्कारों की पहचान है। हिंदी भाषा को सीखना बहुत ही आसान है, यह भाषा हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान और गौरव प्रदान कराती विश्व हिन्दी दिवस समारोह के अंर्तगत आयोजित की गई सभी प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालय के पाठ्य सहभागी प्रभारी के दिशा- निर्देश में विद्यालय के हिन्दी विभाग के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिका श्री हेमलाल श्रीवास, श्रीमती सुनीता श्रीवास ,कुमारी सस्मिता परिदा एवं श्रीमति सोमा चौधरी के सहयोग से किया गया।

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