नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश का पानी अब तक दिल्ली नहीं पहुंचा है। इस वजह से वजीराबाद में यमुना का जलस्तर सामान्य से पांच फीट कम बना हुआ है। फिर भी जल बोर्ड के समर बुलेटिन के अनुसार, आठ जून को सभी स्त्रोतों को मिलाकर जल बोर्ड को आवंटन से अधिक पानी उपलब्ध हुआ। इस वजह से जल बोर्ड ने रविवार सुबह अपने नौ जल शोधन संयंत्रों से क्षमता से 34 एमजीडी अधिक पानी की आपूर्ति की। लेकिन वजीराबाद में यमुना का जल स्तर कम होने से वजीराबाद जल शोधन संयंत्र से पानी की आपूर्ति थोड़ी कम हुई है। आतिशी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वर्ष 2018 में अपर यमुना रिवर बोर्ड में दिल्ली-हरियाणा के बीच हुए समझौते के अनुसार दिल्ली को मुनक नहर से प्रतिदिन 1050 क्यूसेक (565 एमजीडी) पानी मिलना चाहिए। दिल्ली पहुंचने में कुछ पानी के नुकसान होने के बावजूद गर्मी के मौसम में भी मुनक नहर से 980 से 1030 क्यूसेक (527.40 से 554.31 एमजीडी) पानी पहुंचता है लेकिन पिछले एक सप्ताह में इसमें भारी कमी आई है। मुनक नहर से दिल्ली को मात्रा 840 क्यूसेक (452 एमजीडी) पानी मिला। मुनक नगर से पानी कम आने से जल बोर्ड के सात जल शोधन संयंत्रों से पानी आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होगी। इसलिए हरियाणा दिल्ली को उसके हिस्से का पूरा 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे पर पिछले कई दिनों में हरियाणा सरकार को लगातार पत्र लिखने के बावजूद न तो कोई उचित कदम उठाया गया और न ही जवाब मिला।