127वीं जयंती पर नेताजी को किया याद

कोरबा। 1943 में अखंड भारत के प्रधानमंत्री घोषित किए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127 वी जयंती कोरबा में सामाजिक संगठनों की ओर से मनाई गई। कोसाबाड़ी मार्ग स्थित नेताजी चौराहे पर लोगों ने और की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के साथ उनके योगदान का स्मरण किया।
आजाद हिंद फौज की स्थापना करने के साथ युवा शक्ति को राष्ट्र के लिए अपनी क्षमता दिखाने की प्रेरणा देने का काम सुभाष चंद्र बोस ने अपने समय में किया था। इंडियन सिविल सर्विस का परित्याग कर उन्होंने अपने जीवन को राष्ट्रीय हितों के लिए समर्पित किया। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का मंत्र सीखने के साथ नागरिकों को अपने देश के साथ खड़े होने और उसके हित में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने को लेकर नेताजी ने महत्वपूर्ण काम किया। कृतज्ञ राष्ट्र ने जयंती दिवस पर हर कहीं नेताजी का स्मरण करने के साथ उनकी सीख को आगे बढ़ाने का काम किया। कोरबा में पूर्व सैनिक संघ के साथ-साथ भारत जागृति मंच और अनेक संगठनों की ओर से कार्यक्रम किए गए। आज सवेरे नेताजी चौराहे पर नागरिक संगठनों के लोग एकत्रित हुए और यह सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ आरती उतारी। यहां पर जय घोष भी किया गया। जयंती के अवसर पर कोरबा नगर और जिले के अनेक शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और प्रबुद्ध वर्ग की ओर से अपनी बात रखते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने जन की देश के स्वाधीनता आंदोलन में असंख्य लोग शामिल हुए थे जिन्होंने अलग-अलग तरीके से अपनी भूमिका का निर्वहन किया और राष्ट्र को गुलामी की दासता से मुक्त करने के लिए जीवन खपाया। विद्यार्थियों को बताया गया कि हर हाल में सभी को अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निष्ठा का प्रदर्शन करना होगा और अपनी क्षमता दिखानी होगी। इस प्रकार के कार्य करने से देश समुन्नत होगा।

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